उज्जैन || इंदौर में दूषित पेयजल आपूर्ति से हुई 15 लोगों की मौत के बाद उज्जैन प्रशासन और जनप्रतिनिधि पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। शुक्रवार को महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और जल कार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा पीएचई विभाग के अधिकारियों के साथ गऊघाट फिल्टर प्लांट पहुंचे। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पेयजल शुद्धिकरण से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान फिल्टर प्लांट के सभी पंप चालू पाए गए। इसके साथ ही क्लोरीन, केमिकल और ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई। अधिकारियों ने बताया कि पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच के लिए प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन तैनात हैं।
शहर की सभी पेयजल टंकियों की निर्धारित समय-सीमा में नियमित सफाई कराई जा रही है। प्रत्येक टंकी पर पिछली सफाई और आगामी सफाई की तिथि अंकित की जा रही है। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर भी चेक किए गए और क्षेत्रीय रहवासियों से फीडबैक लिया गया।
महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि उज्जैन में पेयजल व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है और टंकियों की सफाई नियमित रूप से होती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पेयजल से संबंधित किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत नगर निगम के कंट्रोल रूम पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय पर समाधान किया जा सके।

