छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस ने धीरन शाह इनवाती को प्रत्याशी बनाया है। धीरन शाह आंचलकुंड दरबार के सेवक सुखराम दादा के बेटे हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह 20 जून गुरुवार को दोपहर 12 बजे नामांकन दाखिल करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इस दौरान मौजूद रहेंगे। दोनों नेता कांग्रेस प्रत्याशी की नामांकन रैली में शामिल होंगे।
जीतू पटवारी ने कहा- अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मेरे छोटे भाई धीरन शाह कांग्रेस के विचारधारा को नई गति देंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि संगठन कौशल और क्षेत्र के लोकप्रिय चेहरे के रूप में जनता का आशीर्वाद उन्हें जरूर मिलेगा। सच और न्याय की इस लड़ाई को हम सभी मिलकर लड़ेंगे और जरूर जीतेंगे।

कांग्रेस में इसके पहले जिला पंचायत सदस्य नवीन मरकाम और चंपालाल कुरचे के नाम पर विचार चल रहा था। कुछ स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने आंचलकुंड दरबार से प्रत्याशी बनाने की बात रखी। इसके बाद धीरन शाह के नाम पर सहमति बनी। धीरन शाह दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी हैं।
आंचलकुंड के सेवादार सुखराम दादा के परिवार की आदिवासी परिवारों में अच्छी पकड़ है। भारिया हो या आदिवासी, हर कोई दादा दरबार में जाकर हाजिरी लगाता है। ऐसे में उनके परिवार को हर कोई जानता है। कांग्रेस अब इसी संबंध को भुनाने की तैयारी में है।
कमलनाथ ने 1980 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था। अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने से पहले वे आंचलकुंड धाम पहुंचे थे। उस समय रतनदास जी धाम के सेवादार हुआ करते थे। रतनदास जी के बाद उनके पुत्र इस धाम के सेवादार हैं।
आंचलकुंड धाम बाबा कंगाल दास ने स्थापित किया था। ये जगह आदिवासियों की आस्था का केंद्र है। बाबा की तीसरी पीढ़ी के सेवादार सुखराम दास जी महाराज ने बताया कि करीब 100 साल पहले कंगाल दास बाबा की जिद पर खंडवा के धूनी वाले दादा जी ने इस आंचलकुंड में धूनी जलाई थी। कंगाल दास बाबा पिता के परदादा थे। वे आदिवासी परिवार सिंगरामी इनवाती के परिवार में जन्मे थे।

