इंदौर, उज्जैन, जयपुर ||, इंदौर की द्वारकापुरी पुलिस ने ड्रग्स कारोबार में लिप्त शुभम् नेपाली को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया है। वह दुर्लभ कश्यप गैंग के बदमाशों के साथ फरारी काट रहा था और वॉट्स ऐप कॉल के जरिये उन युवकों के संपर्क में था, जिन्हें एमडी ड्रग्स बेचने के लिए रखा है। द्वारकापुरी और आसपास के इलाके में कमीशन पर रखे युवकों के माध्यम से वह प्रत्येक माह करीब दो करोड़ रुपए का ड्रग बेचता है। नेपाली से पुलिस पूछताछ कर रही है।
द्वारकापुरी टीआई सुशील पटेल की टीम शुभम् नेपाली की तलाश में थी, तभी मुखबिर ने उसके उज्जैन में होने की सूचना दी। मुखबिर के बताए स्थान पर पहुंची पुलिस को शुभम् मिल गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वह एक माह पहले दर्ज किए गए केस में फरार चल रहा था। बता दें कि पुलिस ने एक माह पहले कुछ युवकों को इंदौर में ड्रग के साथ पकड़ा था। पूछताछ में शुभम् नेपाली का नाम भी सामने आया था।
टीआई पटेल की टीम ने नशा बेचने के मामले में श्रद्धा सबुरी कॉलोनी निवासी लोकेश मोरवाल, प्रजापत नगर निवासी रितेश उर्फ नेगू सोलंकी को पिछले माह पकड़ा था। दोनों के पास से ड्रग बरामद हुआ था। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह शुभम् नेपाली के लिए काम करते हैं। उन्होंने श्रीराम नगर निवासी यश वानखेड़े और दीपक बामने द्वारा भी इलाके में ड्रग बेचने की जानकारी दी।
जयपुर का ड्रग तस्कर उज्जैन में अघोरी के भेष में काट रहा था फरारी
जयपुर हनुमानगढ़ पुलिस ने अघोरी के भेष में छिपे एक हेरोइन सप्लायर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. आरोपी 46 लाख रुपये की हेरोइन बरामदगी के मामले में फरार था. पुलिस के अनुसार, आरोपी पूर्णराम शर्मा बीते तीन वर्षों से अघोरी साधु के भेष में देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर छिपता फिर रहा था. उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था. आरोपी अपना नाम और पहचान बदलकर साधु बन गया था और उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास एक धर्मशाला में रह रहा था. साथ ही विभिन्न धार्मिक स्थलों पर घूमता रहता था.
एसपी हरीशंकर ने बताया कि 14 मार्च 2023 को टाउन पुलिस ने 115 ग्राम हेरोइन के साथ नवीन, ताराचंद और सुरेंद्र उर्फ छिंदा को गिरफ्तार किया था. बरामद हेरोइन की कीमत करीब 46 लाख रुपये आंकी गई थी. पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने यह मादक पदार्थ श्रीगंगानगर के विजयनगर निवासी पूर्णराम शर्मा से खरीदा था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था. पुलिस ने अब मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया.
फरारी के दौरान विभिन्न मंदिरों में घूमता रहा
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह गिरफ्तारी के भय से अपना नाम और पहचान बदलकर साधु बन गया था और उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास एक धर्मशाला में रह रहा था. इसके अलावा वह फरारी के दौरान काशी के काल भैरव मंदिर, गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर और पश्चिम बंगाल के तारापीठ जैसे स्थानों पर भी पूजा-पाठ और साधना के बहाने छिपता रहा.
पुलिस के अनुसार पूर्णराम उर्फ पूर्ण अघोरी के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज हैं. वह श्रीगंगानगर जिले में भी वांछित था. उसने बताया कि वह वर्ष 2021 से 2023 तक ऐलनाबाद में रहकर हेरोइन बेचने का काम कर रहा था.
