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मंदिर के नियम तोड़ भीड़ के साथ दर्शन के लिय अड़ी महिला पार्षद , मंदिर परिसर में धरना देकर घंटो किया हंगामा , पार्षद के हंगामे से अन्य श्रद्धालु हुए परेशान

उज्जैन |  मध्यप्रदेश में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव होना है उज्जैन में कांग्रेस के कई दावेदार है और उन्ही में से कुछ ने धार्मिक आयोजनों को अपनी दावेदारी का सहारा बना लिया है , महाकाल मंदिर में आज जो हंगामा हुआ वह भी धार्मिक ना होकर  एक राजनेतिक आयोजन था , दरअसल कांग्रेस की महिला  पार्षद  माया त्रिवेदी उज्जैन उत्तर विधानसभा से दावेदारी कर रही है और पार्टी में अपने वर्चस्व को दिखाने के साथ ही जनता में भी पैठ बनाने के लिए नवरात्री में निकाली यात्रा के बाद अब श्रावण माह में 84 महादेव की यात्रा करवा रही है ,महाकाल मंदिर परिसर में भी चार महादेव आते है , इन्ही चार महादेव के दर्शन के साथ बाबा महाकाल को जल चढाने के लिए आज रामघाट से महिलाओ की कावड़ यात्रा शुरू की थी , उद्देश्य चार महादेव के दर्शन के साथ सेकड़ो महिलाओ को बाबा महाकाल के गर्भगृह में जल चढ़ा कर दर्शन करवाना था |

जबकि महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने श्रावण माह शुरू होने से पहले ही भीड़ को ध्यान में रखते हुए , श्रावण भादो में बाबा महाकाल के गर्भगृह को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया था , और यही कारन है की प्रतिदिन आने वाले श्रधालुओ को बेरीकेट से दर्शन करवाए जा रहे है |

लेकिन इसके बावजूद महिला पार्षद महाकाल मंदिर में महिला कावडियो को लेकर पहुची , और गर्भगृह जाने देने की जिद करने लगी .जब मंदिर प्रबंधन ने इसके लिए इजाजत नही दी तो  महिला कावड़ियों के साथ महिला पार्षद  ने हंगामा कर दिया। उन्होंने नंदी हॉल में सुरक्षा के लिए लगे बैरिकेड्स फेंक दिए। वे गर्भगृह में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाने की जिद कर रहीं थी। सुरक्षाकर्मियों ने रोका तो वहीं धरना शुरू कर दिया। मंदिर समिति ने नियमों का हवाला देकर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। हंगामे को लेकर मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने कहा कि फुटेज देखकर केस दर्ज कराया जाएगा।

महाकाल मंदिर में सावन महीने में भीड़ अधिक होने के चलते गर्भगृह में प्रवेश बंद है। मंदिर समिति ने 4 जुलाई से 11 सितंबर तक गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के जाने पर रोक लगा रखी है। शुक्रवार को कांग्रेस पार्षद माया त्रिवेदी के साथ करीब 35 महिलाएं और उनके परिजन शिप्रा नदी पर गईं। यहां अपने साथ लाए गंगा जल से पूजन किया। इसके बाद सवारी मार्ग से होते हुए दोपहर करीब 1 बजे भगवान शिव को गंगा जल अर्पण करने के लिए महाकाल मंदिर पहुंचीं थी।

महिला पार्षद का राजनेतिक हंगामा 

सभी महिला कावड़ यात्री गर्भगृह में घुसकर भगवान शिव को जल चढ़ाना चाहती थीं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। ये बात कांग्रेस पार्षद माया त्रिवेदी और महिलाओं को नागवार गुजरी। नाराज होकर वे जबरन नंदी हॉल और गर्भगृह में घुसने की कोशिश करने लगीं। इस दौरान महिलाओं ने नंदी हॉल में लगे बैरिकेड्स उठाकर फेंक दिए। वे सुरक्षा कर्मियों से भिड़ गईं।

मामला बिगड़ता देख महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। माया त्रिवेदी अपने समर्थक कावड़ियों के साथ मंदिर में ही धरने पर बैठ गईं। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने गर्भगृह की देहरी पर कांग्रेस पार्षद को जाने दिया। यहां से पुजारी ने गंगा जल लेकर भगवान शिव को चढ़ा दिया, तभी मामला शांत हुआ।

महिला पार्षद ने प्रशासन पर साधा निशाना 

वही इस पुरे मामले में  कांग्रेस की महिला  पार्षद माया त्रिवेदी ने कहा कि मंदिर में सबके लिए एक जैसी व्यवस्था होना चाहिए। उन्होंने कलेक्टर व मंदिर प्रशासक व्यवस्था में पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंध है, तो सीएम और उनका परिवार, बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा नेता गोलू शुक्ला समेत अन्य लोग कैसे गर्भगृह में जाकर दर्शन कर रहे हैं।

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