उज्जैन | शुक्रवार से प्रदेश के कई जिले में तेज बारिश होने से उज्जैन सहित आसपास के कई जिलो में बारिश से निचले इलाको के डूबने की खबर सामने आई है , उज्जैन में भी शुक्रवार की रात से ही शिप्रा नदी उफान पर है , शुक्रवार शाम से लगातार हो रही तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए, नीलगंगा थाना क्षेत्र में आने वाले शांति नगर,एकता नगर और सुदर्शन नगर में तो हालात ऐसे बिगड़े की यहाँ पर नाव चलानी पड़ी और शाम तक करीब 150 लोगो को उनके घर से निकालकर रेस्क्यू किया गया।

उज्जैन में हो रही लगातार बारिश से शनिवार को कई निचले इलाको में रहने वाले लोगो के मकान आधे डूब गए । बस्तियों में पानी भरने की जानकारी लगने के साथ ही जिला कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम द्वारा रेस्क्यू टीम को मोके के लिए रवाना किया और करीब 100 परिवारों को बस्ती से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पहुचाया गया , ये रेस्क्यू सुदर्शन नगर , शांति नगर इलाके में किया | जहा अभी भी कई परिवार को निकालने का काम किया जा रहा है वही प्रशासन की टीम भी मोके पर मोजूद है |

शहर की निचली बस्तियों में जल भराव की जानकारी लगने पर उच्च शिक्षा मंत्री डाक्टर मोहन यादव भी मोके पर पहुचे और मोके पर पहुच हालात का जायजा लिया वही प्रशासन के जिम्मेदारो को बस्ती में रह रहे लोगो को सख्ती के साथ निकालने के लिए कहा | दरअसल डूब इलाके में रह रहे लोग अभी भी मकान छोड़ कर बाहर नही निकल रहे है ऐसे में जनहानि ना हो इसलिए मंत्री यादव ने प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा |

एसडीआरएफ की टीम ने लगातार काम करते हुए शाम 6 बजे तक करीब 150 लोगो को निकलकर शेल्टर होम में पहुंचाया। इसके अलावा एटलस चौराहा,केडी गेट,गणगौर दरवाजा, दशहरा मैदान जैसे क्षेत्रो में भी जल भराव रहा। तेज बारिश के बाद शिप्रा नदी का जल स्तर बढ़ने से बड़े पुल के ऊपर से शिप्रा नदी बहने लगी। शिप्रा नदी का पानी कई धर्मशाला रेस्टोरेंट और आसपास की दुकानों में घुस गया।
साल 2014 में बनी थी ऐसी स्थिति
उज्जैन में करीब 09 साल पहले बारिश के चलते शांति नगर और एकता नगर क्षेत्र में डूब की स्थिति निर्मित हुई थी तब भी प्रशासन को यह बोड चलाकर लोगो का रेस्क्यू करना पढ़ा था वही शहर के कई इलालो में भी बारिश का पानी भराया था ,उस दोरान दानी गेट क्षेत में भी नाव चलाने की नोबत आ गई थी |

उज्जैन में बारिश से बने हालत के बाद मोके पर गए उच्च शिक्षा मंत्री डाक्टर मोहन यादव ने बताया की मोके पर आकर स्थिति को देखा है करीब 5 हजार लोग इन बस्तियों में रहते है , बस्ती में बारिश का पानी भरने के बाद भी लोग घरो से बाहर आने को तेयार नही है ऐसे में जिला प्रशासन से ऐसे लोगो को सख्ती से निकालने के लिए कहा है , सभी बाढ़ प्रभावितों के लिए रुकने और खाने की व्यवस्था भी की गई है | फ़िलहाल शांति नगर और सुदर्शन नगर के मकान डूब के शिकार हुए है |लोगो की हर संभव मदद की जाएगी

जिले में बारिश के हालातो को लेकर जिला कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम ने बताया की जिले में कही भी किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है , रेस्क्यू टीम , होमगार्ड नगर निगम की टीम पुलिस विभाग को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है , उज्जैन में शांति नगर सुदर्शन नगर के 100 से अधिक लोगो को रेस्क्यू कर बाहर निकाल सुरक्षित स्थान भेज दिया गया है उनके लिए धर्मशाला में रुकने और खाने की व्यवस्था की गई है |वही जिले में नागदा में कुछ जल भराव की खबर थी बाकी सभी जगह हालात नियंत्रण में है |
