महाराष्ट्र के पुणे में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) से पहली मौत की बात सामने आई है। ये मौत सोलापुर में हुई। महाराष्ट्र के स्वास्थ विभाग ने रविवार को इस केस की जानकारी दी, लेकिन डिटेल नहीं बताई। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने कहा कि पुणे में GBS के 16 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
पुणे क्लस्टर में 9 जनवरी को अस्पताल में भर्ती मरीज GBS पॉजिटिव आया था, ये पहला केस था। अब पुणे में एक्टिव केसों की संख्या 101 हो गई है। इनमें 19 मरीज 9 साल से कम उम्र के हैं। 50-80 साल की उम्र वाले 23 मरीज हैं।
GBS गुइलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) क्या है
गुइलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) एक ऑटोइम्यून न्यूरोलॉजिकल विकार है. इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बाहर की नसों पर हमला करती है. इससे मांसपेशियों में कमज़ोरी, दर्द, सुन्नता, और झुनझुनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
गुइलियन-बैरे सिंड्रोम के लक्षण:
- मांसपेशियों में कमज़ोरी
- दर्द
- सुन्नता और झुनझुनी
- चेहरे, आंख, छाती, और अंगों की मांसपेशियों में अस्थायी पक्षाघात
- सांस लेने में दिक्कत
गुइलियन-बैरे सिंड्रोम के इलाज के बारे में ज़रूरी बातें:
- ज़्यादातर लोगों में यह स्थिति ठीक हो जाती है.
- प्लाज़्मा एक्सचेंज और अंतःशिरा इम्युनोग्लोबुलिन (आईवीआईजी) जैसे उपचारों से लक्षणों को कम किया जा सकता है.
- शारीरिक थेरेपी से मांसपेशियों के कार्य और चलने में सुधार किया जा सकता है.
सिंड्रोम की बड़ी वजह बैक्टीरिया, एडवाइजरी जारी
- सिंड्रोम का पहला मरीज 9 जनवरी को आया था। जब उसके टेस्ट किए गए तो पता चला कि उसके सैंपल्स में कैंपीलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया था। यह बैक्टीरिया दुनियाभर में GBS के एक तिहाई केसों में पाया गया है।
- GBS के बढ़ते मामलों के बीत रविवार को अधिकारियों ने पुणे में पानी का सैंपल लिया। यहां कैंपीलोबैक्टर जेजुनी बैक्टिरिया मिलने की जानकारी नहीं आई है।
- उन्होंने बताया कि पुणे के मेन वाटर रिजरवॉयर खड़कवासला बांध के पास एक कुएं में बैक्टीरिया E. कोली का लेवल बहुत हाई है।
- ये साफ नहीं है कि कुएं का इस्तेमाल जारी है या नहीं। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि उबला हुआ पानी पिएं, ठंडा खाना खाने से बचें। गर्म भोजन ही करें।
- स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक 25,578 घरों का सर्वे किया जा चुका है। अमूमन महीने भर में GBS के 2 मरीज ही सामने आते थे। अचानक ये नंबर बढ़ा है। घरों में सैंपल लिए जा रहे हैं।


