झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी से दिल को दहलाने वाली खबर सामने आई है। झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार की रात आग ने कोहराम मचा दिया । मेडिकल कॉलेज के NICU वार्ड में अचानक आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। वही वार्ड की खिड़की तोड़कर 39 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना को लेकर यूपी सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। प्रदेश के डिप्टी सीएम सह स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक झांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज पहुंच गए हैं। उन्होंने नवजात शिशुओं के परिवारों से मुलाकात की। डिप्टी सीएम ने नवजात शिशुओं की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
शनिवार सुबह तक 5 बच्चों का पता न चलने पर परिजन ने मेडिकल कॉलेज के बाहर हंगामा कर दिया है। अंदर घुस गए हैं। हादसा रात करीब साढ़े 10 बजे हुआ। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में स्पार्किंग के चलते आग लगी, फिर धमाका हो गया।
वार्ड में लगे थे एक्सपायर डेट के अग्निशमन यंत्र
अल सुबह फिर से धमाका हुआ आग फैलने से रोकने के लिए वार्ड बाय ने वह लगे अग्निशमन यंत्र का उपयोग किया लेकिन वह काम नहीं आये क्योकि वार्ड में लगे यंत्र चार साल पहले ही एक्सपायर हो चुके थे | पूरे वार्ड में आग फैल गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां पहुंचीं। खिड़की तोड़कर पानी की बाैछारें मारीं। DM-SP पहुंच गए। भीषण आग को देखते हुए सेना को बुलाया गया। करीब 2 घंटे में आग पर काबू पाया गया।
सीएम ने बुलाई हाई लेवल बैठक
इधर, हादसे के बाद सीएम योगी ने हाईलेवल मीटिंग की। उन्होंने कमिश्नर और DIG को 12 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। सुबह 5 बजे झांसी पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा- हादसे की 3 जांच होगी। पहली– स्वास्थ्य विभाग करेगा। दूसरी- पुलिस करेगी। तीसरी- मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाएगी। अगर कोई चूक पाई जाती है, तो जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
#WATCH | Jhansi Medical College tragedy | UP Deputy CM Brajesh Pathak says, ” Instructions have been given to probe the incident…local administration has been asked to submit the probe report within 24 hours. 10 newborns have died, 7 have been identified, 3 are yet to be… pic.twitter.com/4x7lAPLypQ
— ANI (@ANI) November 16, 2024
जिम्मेदारों के खिलाफ होगी कार्रवाई
डिप्टी सीएम ने मेडिकल कॉलेज के नीकू वार्ड में आग लगने की घटना पर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई खामी पाई गई तो जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषियों में से किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार बच्चों के परिजनों के साथ है। डिप्टी सीएम ने कहा कि फरवरी में फायर सेफ्टी ऑडिट हुआ था और जून में मॉक ड्रिल भी हुई थी। ये घटना कैसे हुई और क्यों हुई, इस बारे में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।


