दिल्ली की रेखा सरकार 31 मई को 100 दिनों के कामकाजों की रिपोर्ट पेश करेगी। लेकिन उससे पहले दिल्ली सरकार के 100 दिन चुनावी वादों की पटरी पर रेखा सरकार की रफ्तार बेहद धीमी है। क्योंकि महिला समृद्धि योजना, बच्चों को मुफ्त शिक्षा और सस्ता सिलेंडर जैसे वादे अभी कागजों पर ही हैं। 5,100 करोड़ रुपये बजट आवंटित हो चुके हैं। फिर भी पैसा खाते में नहीं आया।
नई दिल्ली || राजधानी दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल की सरकार को बाहर कर भाजपा ने अपनी सरकार तो बना ली लेकिन अब भाजपा शासित रेखा सरकार दिल्ली की जनता के लिए लिए गए निर्णयों को 100 दिन बित्नेके बाद भी पूरा नही कर पाई पाई है वादा तो बहुत किये है लेकिन उन वादों पर खरा नहीं उतर पा रही है |
दिल्ली सरकार ने दिल्लीवालों की जिंदगी में सहूलियत लाने वाले फैसले लिए हैं लेकिन इनके धरातल पर उतरने का इंतजार है। इनमें से अधिकतर फैसले आधी आबादी से जुड़े हैं जो महिला मुख्यमंत्री होने की वजह से ज्यादा उम्मीद लगाए बैठी है। इनमें महिला समृद्धि योजना, मुफ्त और सस्ता सिलिंडर योजना। बच्चों की मुफ्त शिक्षा समेत अन्य घोषणाएं शामिल हैं। सरकार ने इनमें कुछ योजनाओं को हरी झंडी भी दे दी है लेकिन इनमें से कई फाइलों में एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर घूम रही हैं।
तीन बड़े वादे जो नहीं हुए अब तक पुरे
- महिलाओं के खाते में अभी नहीं आए 2500 रुपये
- होली पर नहीं मिला मुफ्त गैस सिलिंडर
- पांच रुपये में नहीं मिला भरपेट भोजन
महिलाओं के खाते में अभी नहीं आए 2500 रुपये
दिल्ली चुनाव के दौरान भाजपा ने गरीब परिवार की महिला को हर माह 2500 रुपये वित्तीय सहायता देने का वादा किया था। दिल्ली सरकार ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है और इसके लिए 5,100 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया है लेकिन 100 दिनों में महिलाओं के खाते में पैसा नहीं आया है। गरीब महिला की पेंशन 2500 से 3000 करने और गर्भवती महिलाओं के लिए 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और 6 पोषण किट के लिए भी 210 करोड़ रुपये का बजट आवंटित है लेकिन योजना लागू होने का इंतजार है।
होली पर नहीं मिला मुफ्त गैस सिलिंडर
भाजपा का बड़ा चुनावी वादा होली और दिवाली पर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलिंडर देने का था। होली सिलिंडर की आस में गुजर गई अब दीपावली का इंतजार है। महिलाओं को 500 रुपये में सस्ता सिलिंडर देने का भी वादा भी अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। अधिकारी बताते हैं कि इन योजनाओं से जुड़ी औपचारिकताओं को अभी पूरा किया जा रहा है। जल्द ही इन्हें लागू कर दिया जाएगा
