भोरासा निप्र – भोरासा नगर परिषद में विकास कार्यों को लेकर हो रही लापरवाही को लेकर जहां परिषद के लोग काफी परेशान है साथ ही नगर में कई विकास कार्य ठप पड़े हैं नई परिषद बने लगभग 1 साल हो गया है लेकिन इस 1 साल में नगर में इस परिषद के हाथ से एक भी विकास कार्य शुरू नहीं हो सका है वही पूर्व में शुरू हुए काम भी अधूरे पड़े हुए हैं जैसे नल जल योजना, रोड निर्माण, नाली निर्माण सहित कई कार्य जो अधूरे पड़े हुए हैं इन कार्यों का पैसा भी परिषद में पड़ा हुआ है लेकिन ठेकेदार इस काम को छोड़कर भाग गए हैं जिसका अब नया ठेका होना है लेकिन कागजी कार्रवाई नहीं होने के कारण कई काम अधूरे पड़े हुए हैं इसको लेकर नगर परिषद में पार्षदों में नाराजगी चल रही है इसी बात को लेकर पूर्व में भी यहां जो इंजीनियर शिवांगी अग्रवाल थी उनसे भी नगर के लोग व पूर्व की परिषद परेशान थी जब इन मैडम का यह से अन्य जगह ट्रांसफर हुआ तो उस वक्त की परिषद व नगर के लोग बड़े खुश हुए कि चलो अब नगर में कुछ अच्छा कार्य होगा लेकिन यहां तो आसमान से गिरे और खजूर पर अटके जैसी कहावत सही साबित हो गई है अग्रवाल के बाद यहां जो इंजीनियर आए वे मनोज झवर जिनसे लोगों को काफी उम्मीदें थी लेकिन यह भी अपने काम पर खरे नहीं उतरे इनसे परेशान होकर पिछले दिनों नगर परिषद के 14 पार्षद इकट्ठे होकर देवास जिला कलेक्टर के पास पहुंचे और इंजीनियर को हटाने के लिए जिला कलेक्टर से मांग की व एक ज्ञापन सौंपा वही इसके बाद सभी पार्षद भाजपा कार्यालय में जाकर देवास जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल से भी मिले व इंजीनियर को हटाने की मांग की वही इसके पूर्व भी नगर परिषद के लोग प्रभारी मंत्री पूर्व विधायक या फिर मंडल अध्यक्ष से लेकर कई लोगों से मिल चुके हैं लेकिन अभी तक अंगद के पाव के समान ये यह मोजूद है जमे हुए है वही एक कहावत और सिद्ध हो रही है की भाजपा के शासन में अधिकारी नेताओ पर भारी नजर आते है और यहां भी यही साबित होता नजर आ रहा है अब यह मामला कल भोपाल सीएम हाउस पहुंच गया है कल पूर्व विधायक राजेंद्र वर्मा के नेतृत्व में भौरासा नगर परिषद के अध्यक्ष संजय जोशी, उपाध्यक्ष जयसिंह राणा, जिला भाजपा उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ,मंडल महामंत्री संजय यादव, पार्षद सुरेश मालवीय सहित अन्य लोगों ने मिलकर मुख्यमंत्री जी को भौंरासा नगर परिषद से इंजीनियर को हटाने के लिए एक पत्र सौंपा है अब नगर में लोग यह कहते भी नजर आ रहे है की देखना यह है कि अब इंजीनियर साहब यहां से कितने दिन में जाते हैं या फिर यही टिके रहेंगे यह अब वक्त ही बताएगा ।
