उज्जैन || उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में पुजारी ने अवैध लेन देन और मंदिर में हो रही भात पूजन पर निगरानी रखने के लिए खुद के सीसीटीवी कैमरे लगा दिए। इसका एक्सिस खुद के पास रखकर घर बैठे मंदिर के गर्भगृह की निगरानी कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कैमरे को हटवा दिया है।
मंगल गृह की उत्पत्ति का केंद्र माने जाने वाले देश के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक मंगलनाथ मंदिर में मंगल दोष निवारण के लिए देश भर से भक्त बड़ी संख्या में पूजन कराने के लिए पहुंचते है। यहां होने वाले भात पूजन के लिए सरकारी रसीद कटती है। इस पर नजर रखने के लिए मंदिर प्रशासन ने गर्भगृह में सीसीटीवी कैमरे लगा रखे है। लेकिन मंदिर के पुजारी भारती परिवार ने अपना निजी सीसीटीवी कैमरा मंदिर के गर्भगृह में लगवा दिया था। जिसकी जानकारी मिलने के बाद मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक के.के पाठक ने मंदिर प्रशासक के आदेश के बाद इसे निकलवा दिया है।
जानकारी के बाद हटाए कैमरे
प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर के गर्भगृह में पुजारियों द्वारा लगाए गए तीन सीसीटीवी कैमरे गुरुवार को निकाल दिए गए. दरअसल, शासकीय मंगलनाथ मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं द्वारा आकर भात पूजा करने से अच्छी आय होती है. इस इनकम में धांधली करने के लिए पुजारी महंत राजेंद्र भारती, गणेश भारती, ओम भारती, जितेंद्र भारती और नरेंद्र भारती ने गर्भगृह में तीन सीसीटीवी कैमरे लगाकर उस पर नियंत्रण कर रखा था. नतीजतन, शाम को प्रशासन ने कैमरे निकालकर जब्त कर लिए. खास बात यह है कि पुजारियों ने अवैध रूप से गर्भगृह में कैमरा लगाने पर प्रशासक केके पाठक ने 20 दिन पहले अधिकारियों को पत्र लिख दिया. बावजूद जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की थी
मामले में मंदिर प्रशासक केके पाठक ने बताया कि भारती परिवार ने मंदिर प्रशासन के संज्ञान में लायें बगैर ही निजी रूप से सीसीटीवी कैमरे मंदिर के गर्भगृह तथा मुख्य द्वार के सामने एवं पीछे की ओर लगवाए थे. इस संबंध के माध्यम से मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष को जानकारी मिली. इस पर पुजारी राजेंद्र भारती से चर्चा कर गुरुवार को तीन सीसीटीवी कैमरे निकलवा दिये गये हैं.

