बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अमेरिका, रूस, सऊदी अरब, जापान, जर्मनी, UAE और मालदीव में तैनात अपने राजदूतों को वापस बुलाने का फैसला किया है। इन्हें शेख हसीना के कार्यकाल में नियुक्त किया गया था।
बांग्लादेश में 8 अगस्त को अंतरिम सरकार के गठन के बाद बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर 7 देशों के राजदूतों को वापस बुलाने से जुड़ी अलग-अलग नोटिफिकेशन भी जारी की गई है।
इसमें कहा गया है कि राजदूतों और उच्चायुक्तों का ढाका ट्रांसफर कर दिया गया है। इन्हें मौजूदा जिम्मेदारी छोड़कर ढाका वापस लौटने का आदेश दिया गया है।
काउंसलर और सचिव को भी वापस बुलाया
अच्चायुक्त और राजदूतों के अलावा वाशिंगटन में सचिव वहीदुज्जमां नूर और काउंसलर आरिफा रहमान रूमा, कनाडा के ओटावा में काउंसलर अपर्णा रानी पाल और काउंसलर मोबशवीरा फरजाना और न्यूयॉर्क में सचिव असिब उद्दीन अहमद की संविदा नियुक्ति रद्द कर दी गई हैं। इन पांचों को 31 अगस्त से पहले तक देश बुलाया गया है।
हिंसा की जांच करने ढाका पहुंचेगी UN की टीम
बांग्ला अखबार ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की एक टीम अगले सप्ताह बांग्लादेश का दौरा करेगी। टीम PM हसीना के इस्तीफे से पहले और बाद में हुई प्रदर्शनकारियों की हत्याओं की जांच करेगी।
एक अधिकारी ने बताया कि 1971 में बांग्लादेश की आजादी के बाद पहली बार होगा जब संयुक्त राष्ट्र की टीम मानवाधिकारों के हनन की जांच करने के लिए पहुंचेगी।
