उज्जैन | देश भर में होलिका पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है वही उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध बारह ज्योतिर्लिंग में से एक महाकालेश्वर मंदिर में होलिका पर्व सबसे पहले मनाया जाता है देश में हर पर्व की शुरुवात महाकाल मंदिर से होती है बाबा के दरबार में पहले पर्व मनाया जाता है |
सुबह खेली गई होली शाम को हुआ दहन –महाकालेश्वर मंदिर में होली के पर्व की शुरुवात मंदिर में अल सुबह होने वाली भस्म आरती से हो गई थी यह पंडे पुजारियों ने बाबा और श्रधालुओ के साथ फूलो की होली खेली वही शाम को मंदिर परिसर में कन्डो की होली का दहन किया गया इस नज़ारे को देखने के लिए देश भर से श्रद्धालु आते है क्योकि दूसरी जगह रात में होलिका दहन होता है लेकिन महाकालेश्वर मंदिर परिसर में देश की सबसे पहले दहन होने वाली होलीका होती है |
महाकालेश्वर मन्दिर उज्जैन में संध्या आरती के पश्चात होलिका पूजन एवं दहन–मंदिर के प्रमुख पुजारी घनश्याम शर्मा के द्वारा होलिका की पूजन किया गया जिसके बाद होलिका दहन किया गया इस न
ज़ारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुचे
होली पर्व के चलते मंदिर को फूलो से सजाया –होली के पर्मव को देखते हुए हाकालेश्वर मन्दिर उंज्जैन में होलिका पूजन के दिन मन्दिर परिसर नंदिहाल, गर्भगृह आदि में पुष्प सज्जा की गयीं., मंदिर को आकर्षित करने वाले फूलो से मंदिर को सजाया गया करीब 40 क्विंटल फुल से मंदिर की साज सज्जा की गई
होली के दहन के बाद हुई भजन कीर्तन –होली गायक, भजन सम्राट हरि किशन साबू के द्वारा महाकाल मंदिर परिसर में होलिका दहन के पश्चात मंदिर परिसर में भजनों की प्रस्तुति दी गई , साबू के भजन को सुन मोजूद भक्त झूम उठे |.


