भोपाल | मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। आज भी नर्सिंग के मुद्दे पर सदन में हंगामे के आसार हैं। इससे पहले, सोमवार को नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायकों ने नर्सिंग घोटाले को लेकर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग रखी थी। विपक्ष की मांग पर स्पीकर नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंगलवार को नियम के तहत चर्चा कराने का आश्वासन दिया था। स्पीकर ने नर्सिंग घोटाले के मसले को ध्यानाकर्षण में शामिल किया है। इस पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल जवाब देंगे।
अध्यक्ष ने दिया था भरोसा
सोमवार को सत्र के पहले दिन नेता प्रतिपक्ष ने नर्सिंग घोटाले पर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने पक्ष-विपक्ष को सुनने के बाद कहा, “दरअसल कोई ग्राह्यता पर चर्चा नहीं हो रही है, जो सब लोग बोलें। अनुरोध है कि नेता प्रतिपक्ष की बात भी सामने आ गई। संसदीय कार्य मंत्री ने भी बात रखी। यह सदन चर्चा के लिए है। चर्चा से न सत्ता पक्ष और न विपक्ष को भागने की जरूरत है। मैं प्रतिपक्ष को कहना चाहता हूं कि इसको आप दोनों लोगों ने मुझ पर छोड़ने के लिए कहा है। मैं कल उचित नियम के तहत इस पर चर्चा कराऊंगा।”
मंत्री के खिलाफ आरोप पत्र लाएगी कांग्रेस
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- ‘किसी मंत्री पर आरोप लगाते हैं, तो उसे आरोप पत्र के रूप में लिखित में देना होता है। अब विश्वास सारंग ने इतने दिनों से चुप्पी साधी है, तो जब आरोप पत्र जाएगा। आरोप लगेंगे तो क्या हाईकोर्ट में उन्होंने कहा, पेपरों पर क्या बात कही। सच बोलते हैं या गलत बोलते हैं। ये सारी बातें सामने आएंगी।’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा- ‘इनकी सरकार इतने साल से है। हजारों करोड़ के घोटाले हो रहे हैं। घोटालों का जो सूत्र है, वो वल्लभ भवन है। वहां बैठने वाले कई नौकरशाह और मंत्री जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। भाजपा आत्ममंथन क्यों नहीं करती। मंत्रियों, अधिकारियों को क्या आपने खुली शह दे रखी है।’
डिप्टी सीएम बोले- सरकार ने कार्रवाई की है
डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला ने कहा- मामले में कार्रवाई तो चल रही है। सरकार ने भी की है। हाईकोर्ट के निर्देशन में भी हो रहा है। चर्चा होगी, तो विस्तार से बातें रखेंगे। कांग्रेस की तो अनर्गल बातें करने की आदत है।
मंत्री सारंग ने कहा- चर्चा करें, तो सब सामने आएगा
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने आरोपों पर कहा- मैंने तो स्वयं कहा कि चर्चा करें। चर्चा में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
