नई दिल्ली|| बिहार में मतदाता सूची को सुधारने के लिए चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज़ हो गया है. इस मसले पर मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी दलों के नेताओं ने SIR के खिलाफ़ संसद परिसर में साझा विरोध प्रदर्शन भी किया.
मकर द्वार पहुंचने पर राहुल-प्रियंका सहित विपक्ष के सांसदों ने स्पेशल इंन्सेंटिव रिवीजन (SIR) लिखे पोस्टर फाड़े। उन्हें प्रतीकात्मक डस्टबिन में डाला। साथ ही मोदी सरकार हाय-हाय के नारे लगाए। उधर लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
राज्यसभा के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, वे (केंद्र) गरीबों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करना चाहते हैं और केवल एलीट क्लास को वोट देने देना चाहते हैं… वे (केंद्र सरकार) संविधान का पालन नहीं कर रहे हैं। SIR के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
संसद के दोनों सदनों में प्रदर्शन
संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने मांग की कि सदन की तय कार्यवाही को रोककर पहले SIR के मुद्दे पर चर्चा कराई जाए, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई. इसके बाद विपक्षी दलों ने चर्चा की मांग को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में नारेबाजी की, जिसके बाद दोनों सदनों में कार्यवाही को तीन बार स्थगित करना पड़ा
विपक्ष का आरोप SIR की आड़ में बिहार में वोट चोरीः राहुल
विपक्षी दल चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ़ हैं और इस मुद्दे उन्होंने संसद परिसर में साझा विरोध प्रदर्शन भी किया. प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “SIR की आड़ में बिहार में हो रही वोट चोरी के ख़िलाफ़ संसद परिसर में INDIA गठबंधन के साथियों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ. वोट देना हर नागरिक का अधिकार है. हम इसे किसी भी कीमत पर छीनने नहीं देंगे. संविधान विरोधी शक्तियों के खिलाफ एकजुटता से लड़ेंगे.”
