महिदपुर- महाशिवरात्रि पर्व से लगने वाला गंगावाडी मवेशी का इस वर्ष शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा हैं। मेले को लेकर खूब बड़े बड़े वादे किए जा रहे थे। किन्तु मेले में कोई नयापन नही दिखाई दे रहा है। वही परम्परानुसार जो हर वर्ष मेला लगता है वैसा ही दिखाई दे रहा है, हां सिर्फ इस वर्ष मेले को लेकर नगर पालिका होर्डिग्स जरुर ज्यादा दिखाई दे रहे है।
उल्लेखनीय है कि महाशिवरात्रि से ही महिदपुर व नागदा दोनो जगह के मेले शुरु होते चले आ रहे है। किन्तु नागदा का मेला पहले शिवरात्रि पर्व से दो दिन पहले प्रारम्भ होकर तीन दिन का लगता था। धीरे धीरे मेले का समय बढ़ कर पांच व अब सात दिन का हो गया है। जिसका असर महिदपुर मेले पर पड़ा है। अब वहा का मेला समाप्त होने के बाद ही दुकानदार यहां आते है। कल तक वहा के दुकानदार यहां पहुंचे है अब आज से महिदपुर मेले में रौनक बढ़ने की संभावना है वैसे इस वर्ष मेले में झूले काफी संख्या में आये है और वही मेले की शान दिखाई दे रहे है। नगरपालिका को भी उन्हें अच्छी सुविधा देने की पहल करना चाहिए ताकि वे अगले वर्षों में भी आने का प्रयास करे। अब अन्तिम दिनों में मेले भारी भीड़ पहुंचेगी। व्यवस्था को लेकर प्रशासन को भी काफी एहतियात बरतने की आवश्यकता है। जरा सी लापरवाही बड़ा रुप ले सकती है। वही पार्किंग की भी व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्कता है ताकि आमजन को परेशानी का सामना ना करना पड़े। शनिवार को खाटू श्याम की भजन संध्या का आयोजन भी फीका दिखाईं दिया। झालावाड़ की गायिका अलका शर्मा में अपने भजनों की प्रस्तुति दी। आज कुश्ती प्रतियोगिता होगी। इस वर्ष शताब्दी वर्ष के मेले को लेकर बड़े बड़े दावे किए गए थे किन्तु अभी तक तो कोई विशेष ज्यादा नया कुछ दिखाई नहीं दे रहा है सिर्फ होर्डिग्स, पोस्टर के अलावा। अब अन्तिम दिनों में मेले में जनसैलाब उमड़ने की संभावना है।

