उज्जैन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में होली का पर्व अनूठे अंदाज में मनाया जाता है। भक्त शिव की भक्ति में लीन होकर झूमते गाते है। भगवान शिव पार्वती और उनके गण अर्थात भूत पिशाच इस होली में शामिल होते है और उनके साथ भक्त भक्ति के रंग में सराबोर होकर शिवमय हो जाते है। यहां अबीर गुलाल के साथ फूलों की होली खेली जाती है। ऐसा ही नजारा सोमवार को शिप्रा नदी के तट पर महाकाल वन में देखने को मिला | यहाँ महाकाल मंदिर शयन आरती भक्त मण्डली के साथ महाकाल मंदिर के पुजारी ने होली खेली |
धर्म नगरी उज्जैन में शिव अर्थात महाकाल और पार्वती अर्थात शक्तिपीठ माता हरसिद्धि दोनो का साक्षात वास है इसीलिए यहां होली उत्सव शिव पार्वती साथ मानते है। सोमवार को शिप्रा नदी के तट पर महाकाल वन में होली उत्सव का आयोजन किया गया।
आयोजन में शिव और पार्वती प्रतीकात्मक रूप में शामिल हुए । मानो ऐसा लग रहा था कि साक्षात भोलेनाथ अपनी अर्धांगिनी के साथ आ गए है। जब यहाँ शिव पार्वती स्वयं नाचने लगे तो भक्त भी अपने आप को रोक नही पाए और झूमते गाते नजर आए।
होली उत्सव मनाने के लिए शिव के गण अर्थात भूत पिशाच और नंदी भी यहां शामिल हुए वे अद्भुत अंदाज में सजे हुए थे। मानो साक्षात शिव की सेना आ गई हो। होली का यह अनूठा अंदाज केवल शिव की नगरी उज्जैन में ही देखने को मिलता है। महिलाओ ने होली के गीत गाए इसके साथ ही भोले के भजनों पर नृत्य भी किया |
आसमान अबीर और गुलाल से सराबोर हो गया | यहाँ शिव पार्वती, भूत, पिशाच, नंदी , डाकिनी, महिला श्रद्धालु और महाकाल के पुजारी एक साथ नृत्य करते नजर आए |




