उज्जैन | मध्यप्रदेश के उज्जैन के शहर में पटनी बाजार के सराफा यूथ फेडरेशन ने गणेश चतुर्थी पर्व के उत्सव को आकर्षित बनाने के लिए गणेश पंडाल को 11 लाख रुपए के नोटों से सजा दिया। जिससे अब यहां दर्शन करने आने वालों की भीड़ लग गई है। पंडाल का यह आकर्षित करने वाला श्रंगार तीन दिनों के लिए है श्रद्धालु इस मन मोह लेने वाले नज़ारे को शुक्रवार से रविवार तक ही देख सकेंगे | गणेश जी के पंडाल की साज सज्जा में 10 रूपये से लेकर 500 रूपये तक के नोटों का उपयोग किया गया है इसी के साथ चांदी के नोटों से भी श्रंगार किया गया है |
फेडरेशन ने व्यापारियों से एकत्रित किये रूपये
विगत 13 वर्षो से सराफा बाजार में गणेश उत्सव मनाया जा रहा है इस बार गणेश उत्सव को आकर्षित करने वाला बनाने के लिए सराफा बाजार के व्यापारियों ने आपस में नोटों की गड्डी एकत्रित की और इस तरफ करीब 11 लाख रूपये एकत्रित किये गए जिससे पंडाल को सजाया गया है , इस साज सज्जा में बाहरी कारीगरों के साथ साथ व्यापारियों ने भी भूमिका निभाई , तीन दिन के बार श्रंगार में लगे सभी नोटों को पुन व्यापारियों में बाँट दिया जाएगा |
पंडाल की सुरक्षा में गन मेन , CCTV से लेस परिसर
सराफा यूथ फेडरेशन ने गणेश पंडाल की सुरक्षा के लिए आसपास के एरिया को कवर करते हुए 30 से अधिक CCTV कैमरे लगाए है , वही पंडाल के अन्दर ही चार कैमरे लगाये गए है , इसी के साथ पंडाल में लगे लाखो रुपयों को ध्यान में रखते हुए चार सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए गए है जो हथियार के साथ अपनी सेवा दे रहे है , इसी के साथ खुद सराफा यूथ फेडरेशन के सदस्य भी रात्री कॉल में पंडाल में अपने सेवा दे रहे है |
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रतलाम के लक्ष्मी मंदिर की तर्ज पर नोटों का श्रंगार
रतलाम में लक्ष्मी माता मंदिर की तर्ज पर उज्जैन के गणेश पंडाल को 11 लाख रुपए के फ्रेश नोटों से सजाया गया है। इतना नकदी पटनी बाजार के व्यापारियों ने एकत्रित करके गणेश पंडाल में तीन दिन के लिए अर्पित किया है। पिछले तेराह वर्षो से सराफा यूथ फेडरेशन भगवान गणेश जी की प्रतिमा विराजित करते आये है। ऐसे में इस बार अन्य मंदिरो की तर्ज पर गणेश पंडाल को सजाने का विचार आया।
सराफा यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी ने बताया कि भगवान गणेश जी के पंडाल में कुछ अलग करना था इसलिए 6 व्यापारियों ने अपनी क्षमता के हिसाब से रुपए एकत्रित किये और देखते ही देखते 11 लाख रुपए जमा हो गए। जिसके बाद 27 घंटे में कारीगर और खुद व्यापारियों ने 11 लाख रुपए से इसे सजा दिया।


