नई दिल्ली || संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा कि ईरान-खाड़ी संघर्ष शुरू होने के बाद से, भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि भारत ने इस बात पर खेद व्यक्त किया है कि इस संघर्ष में वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया गया।
भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल शिपिंग पर हमलों पर चिंता जताई है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा कि 28 फरवरी 2026 को ईरान और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद से, भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की थी, और सभी देशों से संयम बरतने, तनाव न बढ़ाने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था।
हमने सभी देशों से बातचीत और कूटनीति को बढ़ावा देने, तनाव कम करने और अंतर्निहित मुद्दों को गंभीरता से हल करने का आग्रह किया है। साथ ही पर्वथनेनी हरीश ने कहा कि हमने सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का भी आह्वान किया है।
भारत ने इस बात पर खेद व्यक्त किया है कि इस संघर्ष में वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया गया। इस संघर्ष के दौरान जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों की कीमती जानें चली गईं। साथ ही उन्होंने कहा कि हम ज़ोरदार ढंग से आग्रह करते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित और अबाधित नौवहन तथा वैश्विक व्यापार की स्वतंत्रता को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
