उज्जैन | मध्यप्रदेश के उज्जैन में विक्रम विश्वविद्यालय में एक बार फिर विद्यार्थियों की समस्या सुनने के लिए हेल्प डेस्क शुरू की गई है। इससे जिले के बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी। हर विद्यार्थी से समस्याओं का आवेदन लेने के बाद विभाग निराकरण भी करेगा। और अगर इसके बाद भी निराकरण में देरी हुई तो विद्यार्थी महीने के अंतिम मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में उपस्थित होकर शिकायत का निराकरण करा सकेंगे।
विक्रम विश्वविद्यालय में वैसे तो पहले प्रति मंगलवार विद्यार्थियों के लिए जनसुनवाई होती थी। विगत 3 वर्षों से जनसुनवाई और समाधान शिविर भी बंद कर देने से विद्यार्थियों की शिकायतें सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचने लगी। विश्वविद्यालय से संबंधित अधिक शिकायतें होने से कलेक्टर ने अधिकारियों को हिदायत दी थी। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचने वाली शिकायतें कम करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए विद्यार्थी कल्याण संकाय विभाग में हेल्प डेस्क शुरू की है। इसके माध्यम से संभाग से आने वाले विद्यार्थियों की शिकायतें यहां प्राप्त करने के बाद संबंधित विभाग को प्रेषित कर निराकरण कराया जाएगा। शिकायतों का निराकरण करने के लिए सहायक कुलसचिव को जिम्मेदारी दी है। हेल्प डेस्क के माध्यम से भी यदि शिकायत का निराकरण नहीं हुआ तो विश्वविद्यालय में महीने के अंतिम मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में विद्यार्थी उपस्थित होकर अधिकारी को अपनी समस्या से अवगत कराने के बाद निराकरण कराएंगे।
इस पुरे मामले पर कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडे ने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याएं हल करने के लिए हेल्प डेस्क शुरू की गई है। उज्जैन संभाग के कॉलेजों में पढऩे वाले विद्यार्थी अपने प्राचार्य के माध्यम से हेल्प डेस्क तक अपनी समस्या, शिकायत पहुंचा सकेंगे । इन शिकायतों पर विश्वविद्यालय के अधिकारी निराकरण करेंगे। विद्यार्थियों को इसके लिए विश्वविद्यालय तक आने की आवश्यकता बिलकुल नहीं होगी। हेल्प डेस्क बाद भी यदि विद्यार्थी की समस्या का निराकरण किसी कारण से नहीं होता है तो महीने के अंत में मंगलवार को जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायत और समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। इस व्यवस्था से बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी।
