उज्जैन | विश्व प्रसिद्द महाकालेश्वर मंदिर में देश भर से आने वाले श्रद्धालुओ के साथ लूट पाट की घटनाए कम होने का नाम नहीं ले रही है ये लूट पाट मंदिर में दर्शन करवाने के नाम की की जा रही है |बाहर से आने वाले श्रधालुओ से शीघ्र दर्शन करवाने के नाम पर मोटी रकम छिनने का काम जोरो पर चल रहा है |
इसमें मंदिर में मोजूद हर स्तर का कर्मचारी और पण्डे शामिल है , हाल ही में इस लूट पाट का एक स्टीम आपरेशन भी दैनिक भास्कर अख़बार की डिजिटल प्लेटफार्म की टीम के द्वारा किया गया , इस आपरेशन ने मंदिर में चल रहे इस धंधे की परते खोल कर रख दी |
स्टीम आपरेशन से हुए खुलासे में मंदिर में दर्शन के नाम पर श्रधालुओ से की जा रही लूट पाट की इस घटना में मंदिर के आसपास ऑटो चलने वाले चालक से लेकर मंदिर में सुरक्षा की कमान सँभालने वाला पुलिस कर्मी भी शामिल है |
वही मंदिर में पुजारी बन कर घूम रहे कई धंधे बाज भी नजर आ रहे है जो मंदिर में चल रहे इस धंधे को उजागर करते नजर आ रहे है |
निचे तीन तस्वीर जो मंदिर में चल् रहे अवैध वसूली और दर्शन के नाम पर श्रद्धालु के साथ की जा रही ठगी की पुष्टि करती
पुलिस आरक्षक को तत्काल किया सस्पेंड
पत्रकारों के द्वारा किये गए स्टीम आपरेशन में एक पुलिस कर्मी भी नजर आ रहा जिसका आम अजित राठोर है जो आरक्षक के पद पर पदस्थ है ,महाकाल मंदिर में दर्शन करवाने वाली टीम से इसकी साठ गाठ होने के चलते पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने उक्त आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है |

कर्नाटक के श्रद्धालु से अटेंडर के नाम पर मांगे एक हजार
हालही में कर्नाटक से उज्जैन दर्शन करनेआए एक होटल संचालक के साथ भी इसी का घटना क्रम सामने आया था , होटल संचालक बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए आए हुए थे , भस्म आरती की अनुमति भी विधिवत तरीके से बनाई गई थी लेकिन जब प्रातकाल में वह भस्म आरती में शामिल होने के लिए पंहुचा तो मंदिर के बाहर खड़े एक ठग ने उनसे पूछा आपके अटेंडर कौन है होटल संचालक चुकी दुसरे राज्य से थे मंदिर की व्यवस्था को समझते नहीं थे तो उन्होंने कह दिया कोई अटेंडर नहीं है साथ |
उक्त ठग ने कहा कोई बात नहीं एक हजार रूपये लगेंगे आपको हम अटेंडर उपलब्ध करवा देंगे उक्त श्रद्धालु चूँकि मंदिर पहली बार आए थे तो उन्होंने एक हजार रूपये नगद दे दिए और वह सख्स ने महज उन्हें भस्म आरती गेट से मंदिर में अन्दर तक छोड़ दिया |
मंदिर के गेट के बहार खड़े किन्नर भी देते है रसूख दारो को हिस्सा
महाकाल मंदिर के शंख द्वार पर अक्सर आपको कुछ किन्नर खड़े नजर आएँगे ये किन्नर यह आने वाले श्रद्धालु को घेर कर उनसे भिक्षा मांगने का काम करते है , सामन्यत किन्नरों की हरकतों से बचने के लिए आम इन्सान इन्हें कुछ ना कुछ देकर चले जाता है लेकिन कई बार श्रद्धालु के पीछे पड़ना इनकी आदत होती है
कई बार मंदिर से थाने तक किन्नरों का मामला भी पंहुचा है लेकिन महाकाल लोक बनने के बाद इनका स्थाई ठिकाना महाकाल लोक बन चुका है |
सूत्रों के अनुसार ये किन्नर प्रतिदिन हजारो रूपये मंदिर के लोगो को देते है ताकि इन्हें यहाँ से हटाया ना जाए , वही मंदिर में दलाली का काम करने वाला एक पत्रकार भी इनसे हर रोज वसूली करता है |
किन्नरों के एक साथी ने ही हमे इस बात की जानकारी पूर्व में भी दी थी की एक पत्रकार मंदिर में ही रहता है जो मंदिर के जिम्मेदारो का खास होने के नाम पर उनसे हर रोज रूपये छीन कर लेकर जाता है |
इनका कहना
मंदिर को लेकर जो किये गए स्टीम आपरेशन में पुलिस कर्मी दिख रहा है उसका नाम आरक्षक अजीत है उसे तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है | महाकाल मंदिर में पुलिस और प्रशासन द्वारा सख्ती से सुधार करने के लिए परिवर्तन किये जा रहे है
प्रदीप शर्मा ,पुलिस अधीक्षक उज्जैन
प्रथम रूप से मंदिर के जो लोग पैसे लेते नजर आए है उन्हें निलंबित कर दिया गया है वही बाहरी लोगो पर प्रकरण दर्ज किये जाने की प्रक्रिया की जाएगी
म्रणाल मीणा महाकाल मंदिर प्रशासक





