आज 24 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र है। दिवाली से पहले खरीदारी और पूजा-पाठ के नजरिए से ये दिन बहुत खास है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन सोने में निवेश का अक्षय लाभ मिलता है। ऐसे में अगर आप सोने में निवेश का प्लान बना रहे हैं तो ये सही समय हो सकता है। लॉन्ग टर्म के लिए सोने में निवेश फायदेमंद रहता है। बीते 5 सालों की बात करें तो सोने ने 55% का रिटर्न दिया है यानी सालाना 11%। अक्टूबर 2020 में सोना 50,605 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था जो अब 78,446 पर पहुंच गया है।
पुष्य नक्षत्र का क्या महत्व है?
जानिए गुरु पुष्य नक्षत्र पर कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं…
- गुरु पुष्य नक्षत्र में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें, इसके बाद भगवान विष्णु और महालक्ष्मी का विशेष अभिषेक करें। इसके लिए दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध भरें और देवी-देवताओं की प्रतिमाओं पर चढ़ाएं। दूध के बाद शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद हार-फूल और वस्त्रों से श्रृंगार करें। तुलसी के साथ भगवान को मिठाई का भोग लगाएं। भोग में खीर भी रखेंगे तो बहुत शुभ रहेगा। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करते हुए पूजा करें। धूप-दीप जलाकर आरती करें।
- इस दिन शनि देव की भी विशेष पूजा जरूर करें, क्योंकि पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि को माना जाता है। शनिदेव के लिए तेल का दान करें। शनिदेव की प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाएं। नीले फूल अर्पित करें। भगवान को भोग में काले तिल से बने व्यंजन अर्पित करें। ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जप करें। किसी मंदिर में पूजन सामग्री का दान करें।
- गुरुवार को पुष्य नक्षत्र होने से इस देवगुरु बृहस्पति की भी पूजा करनी चाहिए। गुरु ग्रह की पूजा शिवलिंग रूप में की जाती है, इसलिए शिवलिंग पर केसर मिश्रित जल चढ़ाएं। इसके बाद शुद्ध जल अर्पित करें। चंदन का लेप करें। बिल्व पत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल, अबीर, गुलाल, जनेऊ आदि पूजन सामग्री चढ़ाएं। धूप-दीप जलाएं, मिठाई का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। पूजा में ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें।
- गुरु पुष्य नक्षत्र के शुभ योग में जरूरतमंद लोगों को भोजन, अन्न, धन, जूते-चप्पल, कपड़े, पढ़ाई की चीजें, दवाइयां दान करें। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। ऐसा पुण्य जिसका शुभ असर जीवनभर बना रहता है।
- गुरुवार को भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप बाल गोपाल का भी अभिषेक करें। श्रीकृष्ण को नए वस्त्र अर्पित करें। माखन-मिश्री का भोग तुलसी के साथ लगाएं। कृं कृष्णाय नम: मंत्र का जप करें।
- शाम को सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीपक जलाएं। हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
गुरु पुष्य नक्षत्र में क्या नहीं खरीदें | Guru pushya nakshatra Shopping 2024:
- इस नक्षत्र में सुई या कोई धारदार वस्तुएं नहीं खरीदें।
- इस नक्षत्र में पुरानी या सेकंड हेंड वस्तुएं नहीं खरीदना चाहिए।
- काले कपड़े नहीं खरीदना चाहिए।
- कोई चमड़े की वस्तु नहीं खरीदना चाहिए।
- मिक्सर जैसी वस्तुएं भी नहीं खरीदना चाहिए।
सोना खरीदते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें:
हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड रहता है। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह होता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।
2. कीमत क्रॉस चैक करें:
सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना गया है, लेकिन इसकी ज्वेलरी नहीं बनती, क्योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आमतौर पर ज्वेलरी के लिए 22 कैरेट या इससे कम कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है।
मान लीजिए 24 कैरेट सोने का दाम 78 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम है। यानी एक ग्राम सोने की कीमत हुई 7,800 रुपए। ऐसे में 1 कैरेट शुद्धता वाले 1 ग्राम सोने की कीमत हुई 7,800/24 यानी 325 रुपए।
अब मान लीजिए आपकी ज्वेलरी 18 कैरेट शुद्ध सोने से बनी है तो 18×325 यानी इसकी कीमत 5,850 रुपए प्रति ग्राम हुई। अब आपकी ज्वेलरी जितने भी ग्राम की है उसमें 5,850 रुपए का गुणा करके सोने की सही कीमत निकाली जा सकती है।

