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उत्तर प्रदेश की एसडीएम ज्योति मोर्या के मामले के बाद अब मध्यप्रदेश के देवास में पति निकला बेवफा

देवास | उत्तर प्रदेश की महिला अधिकारी और पति के बिच का विवाद अभी मीडिया के सुर्खियों से हटा ही नहीं था की अब मध्यप्रदेश के देवास जिले में भी एक नया मामला सामने आ गया है ,लेकिन इस बार पत्नी नही बल्किनोकरी लगने के बाद पति बेवफा निकल गया | यह महिला ने घर घर काम कर रूपये कमाए और अपने पति को पढाई करवाने की बात सामने आई है |

पहले दोनों  लिव इन मे  रहे बाद में कोर्ट मेरिज भी की लेकिन इसी दोरान  पति को पढ़ाया तो पति अधिकारी  बन गया और अधिकारी बनते ही  बेवफा बन गया |

बता दे देशभर में ज्योति मौर्य का मामला वायरल होने के बाद अब इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं जो चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन इस बार महिला बेवफ़ा नहीं पति बेवफ़ा है, मामला पुराना लेकिन चर्चा में,

दरअसल देवास जिले के बागली क्षेत्र में रहने वाली ममता बाई के अनुसार अपने पहले पति की मौत के बाद अलीराजपुर के जोबट में रहने वाले कमरू पिता नरसिंह से दोस्ती थी, जो कि साथ में 3 साल तक लिव इन रिलेशनशिप में रहे। इसी दौरान कमरू पीएससी की तैयारी इंदौर में रहकर कर रहा था। कमरू की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। इसी के चलते ममता बाई ने अपने पैसों से कमरू को पढ़ाई करवाई। ममता बाई ने बताया कि वह घर-घर नौकरी कर व बस कंडेक्टरी कर पैसे जमा करती थी व कमरू को पढ़ाई के पैसे देती थी। अब जैसे ही कमरू का सिलेक्शन पीएससी में हो गया। वैसे ही उसकी नियत बदल गई। ममता बाई के अनुसार दोनों ने लव मैरिज कोर्ट में की थी। लेकिन साथ रहने से कमरू ने इंकार कर दिया। अब बागली न्यायालय में उनका वाद दायर है। ममता बाई ने बताया कि ₹12000 प्रतिमाह भत्ता कमरू को देना था, जो कि लंबे समय से नहीं दिया गया है।
ममता बाई ने बताया कमरू लिव-इन में रहने के बावजूद भी ममता बाई से छुटपुट लड़ाई करने के बाद ही व्यवहार बदलकर अब ममता बाई से बात नहीं करता। कमरू सेल टेक्स अधिकारी के पद पर रतलाम में पोस्टेड  है। जिनसे एक बार उनका मामूली विवाद हुआ था और उसके बाद रिश्ता टूट गया।

हालांकि बताया जा रहा है इनकी 2015 में शादी हुई थी, जिनकी लव मैरिज थी। प्रकरण कुछ समय पुराना है। दोनों लिव इन में रहते हुए साथ रहे। पुरुष के महिला को छोड़ने के बाद प्रकरण 2021 में सामने आया। जिसमें महिला को समझौते के अनुसार महीने की रहने खाने पीने की व्यवस्था के रुपये कमरू को देने होंगे। ओर जबसे यही चला आ रहा था। लेकिन मामला बागली न्यायालय में अब भी विचाराधीन है। तत्कालीन मामले में महिला व बाल विकास की टीम ने कमरू और उनके परिवार के सदस्य को समझौता करवाते हुए लव मैरिज भी करवाया था। जानकारी के अनुसार दोनों धार में रहा करते थे। ओर अब महिला अपनी माँ के साथ निवास करती है। महिला का 15 वर्षीय बच्चा भी था जो किसी बीमारी के चलते मर चुका है।

बता दे एक तरफ तो एसडीएम ज्योति मौर्य का मामला सुर्खियां बटोर रहा है वही दूसरा अनूठा मामला देवास जिले में जहां पर अधिकारी पति पर बेवफाई के आरोप लगे हैं। इस बार आरोप पत्नी पर नहीं पति पर लगे हैं जो सेल टैक्स ऑफिसर बनते ही दूसरी शादी कर लेता है वही अब पीड़िता महिला न्यायालय के चक्कर काट रही है।

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