उत्तर प्रदेश : देश में इस समय उत्तरप्रदेश सरकार का एक फैसला विवादों में घिरा हुआ है ये फैसला दुकानों के बाहर मालिक का नाम लिखने को लेकर था , दरअसल कांवड़ यात्रा के दौरान मार्ग में पड़ने वाली दुकानों के मालिक के नाम का खुलासा करने के आदेश के खिलाफ तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा, मुस्लिम दुकानदारों की आजीविका खत्म करने के लिए आदेश दिया गया है।
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के उस निर्देश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें कहा गया है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर मौजूद खानपान की दुकानों के मालिकों को अपने मालिकों के नाम खुलासा करना होगा।
TMC सांसद ने कोर्ट से की ऐसे आदेशों के खिलाफ रोक लगाने की मांग
शीर्ष अदालत के समक्ष अपनी याचिका में महुआ मोइत्रा ने दोनों राज्य सरकारों के पारित आदेशों पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा है कि ऐसे निर्देश समुदायों के बीच मतभेद बढ़ाते हैं। याचिका को अभी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना है।
‘मुस्लिम दुकानदारों की आजीविका खत्म करने कोशिश’
तृणमूल नेता ने याचिका में कहा कि तीर्थ यात्रियों के आहार विकल्पों का सम्मान करने के कथित आधार पर मालिकों और यहां तक कि उनके कर्मचारियों के नामों का खुलासा करने के लिए मजबूर करना, एक बहाना मात्र है। टीएमसी सांसद की याचिका में आरोप लगाया गया है कि ऐसा मुस्लिम दुकानदारों और श्रमिकों पर सामाजिक, आर्थिक बहिष्कार थोपने और उनकी आजीविका को खत्म करने के लिए किया गया है।
