- विडिओ ने पथरी वाली माता का किया पर्दाफाश
- रलायता गांव में सालों से चल रहा पथरी निकालने का फर्जीवाड़ा
- लोगों की जान से हो रहा खिलवाड़
जनसंवाद एक्सप्रेस
उज्जैन।। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के भैरवगढ़ क्षेत्र के पास स्थित रलायता गांव में एक महिला जिसे लोग पथरी वाली माता भी कहते है इसने द्वारा सालों से लोगो के शरीर से पथरी को मुंह से निकालने के कारण जानते है।
हकीकत में यहां पर पथरी निकालने के नाम पर बड़ा धोखाधड़ी का खेल खेला जा रहा है। यह महिला खुद को चमत्कारी बताकर लोगों को यह विश्वास दिलाती है कि वह इंसान के गुर्दे या पित्त की पथरी को अपने मुंह से खींचकर निकाल सकती है।
स्थानीय लोगों और कुछ वायरल वीडियो फुटेज के अनुसार, यह महिला मरीज के पेट या पीठ पर अपना मुंह रखती है और दिखावा करती है कि वह पथरी निकाल रही है।
कुछ ही देर में वह अपने मुंह से छोटे-छोटे पत्थर के टुकड़े निकालकर दिखाती है, जो दरअसल उसके हाथ में पहले से ही छुपाए हुए होते हैं। यह पूरी प्रक्रिया एक पूर्व-नियोजित धोखा है, जो लोगों की जान से खिलवाड़ कर रही है।
इसी स्थान पर फूल प्रसाद की दुकान लगाने वाले एक शख्स से हमें जो वीडियो फोटो उपलब्ध हुए है उससे इस महिला की धोखाधड़ी की सारी परते खुलती दिखाई दे रही है।
क्या है वायरल वीडियो में
उक्त महिला अपने हाथ में पहले से छोटे छोटे पत्थर छुपा कर रखती है यह पत्थर महिला जिस गाड़ी पर बैठी है उसी के नीचे रखे होते हैं और जब वह मरीज के पेट पर अपना मुंह लगती है तब सावधानी से पत्थर को अपने हाथ से रख लेती है और फिर सामने वाले को यह दिखाने का विश्वास करती है की उसके पेड़ की पथरी उसे महिला के मुंह में आ गई है और फिर वह मुंह से पथरी को निकाल कर एक कागज में रखकर मरीज को दे देती है यह सब करने की फीस भी ली जाती है प्रत्येक मैरिज से ₹100 वसूल किए जाते हैं और प्रतिदिन सैकड़ो लोग यहां पर विश्वास के साथ आते हैं और अंधविश्वास का शिकार हो जाते हैं।
सालों से चल रहे इस ढोंग के गंभीर परिणाम
कई लोग इस भ्रम में जीते हैं कि उनकी पथरी निकल चुकी है, जबकि असल में बीमारी जस की तस बनी रहती है।
इलाज में देरी के कारण स्थिति गंभीर हो सकती है, और कई बार ये लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
अंधविश्वास की वजह से लोग आधुनिक चिकित्सा प्रणाली से दूर हो रहे हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग
इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ लोगों की आस्था का शोषण करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक हैं। प्रशासन को इस मामले में त्वरित जांच कर, सालों से चल रही इस धोखाधड़ी पर रोक लगानी चाहिए।
जनसंवाद एक्सप्रेस ने किया ग्राउंड चेक
महिला की हकीकत को समझने के लिए जन संवाद एक्सप्रेस के संपादक नासिर बेलिम खुद यहां पर पथरी निकलवाने के लिए पहुंचे असल में यह एक ग्राउंड चेक था संपादक नासिर बेलिम को कोई पथरी नहीं थी यह टेस्ट सिर्फ पथरी वाली माता की हकीकत को जानने के लिए था जब हमने यह पहुंच कर देखा तो पथरी वाली माता ने बेलीम के शरीर में पथरी ना होने के बाद भी तीन पथरी के पत्थर निकाल कर दे दिए ।

