नई दिल्ली | पतंजलि आयुर्वेद के ‘भ्रामक विज्ञापन’ मामले में बाबा रामदेव सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस का जवाब दाखिल नहीं करने पर बाबा रामदेव और पतंजली के MD आचार्य बालकृष्ण को फटकार लगाई थी और 2 अप्रैल यानी आज पेश होने का निर्देश दिया था।
हालांकि, कंपनी ने इस मामले में कोर्ट से अपनी गलती पर बिना शर्त माफी मांगी थी और कहा था कि वो भ्रामक विज्ञापन नहीं दिखाएंगे। केस की सुनवाई जस्टिस हिमा कोहली और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच ने इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं।रामदेव की ओर से सीनियर एडवोकेट बलबीर सिंह दलीलें रख रहे हैं।
इससे पहले 27 फरवरी की सुनवाई में कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद के गुमराह करने वाले दवा विज्ञापनों पर रोक लगाई थी। इसके अलावा अवमानना कार्यवाही में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। दरअसल, कोर्ट ने पिछले साल भ्रामक विज्ञापन जारी नहीं करने का निर्देश दिया था, लेकिन कंपनी ने इसे नजरअंदाज किया।
