उज्जैन | धार्मिक नगरी उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद ना सिर्फ श्रधालुओ की आवा जाहि बढ़ी है बल्कि शहर के लोगो को छोटे छोटे रोजगार भी उपलब्ध हुए है इसी में एक रोजगार ई रिक्शा का भी है शहर के अधिकांश युवाओ का जुड़ाव ई रिक्शा के व्यापार से हो गया है , इस के चलते शहर में दिन प्रतिदिन ई रिक्शा की संख्या भी बढती जा रही है और यही बढती संख्या शहर के ट्रेफिक जाम का कारण भी बनता जा रहा है |
सवारी के लिय घंटो एक स्थान पर खड़े रहना किसी भी जगह पर ई रिक्शा को पार्क करदेना ट्रेफिक जाम के कारण बन रहे है इसको लेकर हालही में उज्जैन परिवहन विभाग के द्वारा ई रिक्शा चालको को लेकर एक प्लान बनाने की तेयारी की गई है जिसके तहत ई रिक्शा चालको को रूट बांटने की तेयारी की जा रही है वही शिफ्ट के हिसाब से रिक्शा को चलाए जाने का भी प्लान बनाया गया है |
प्रशासन के कदम से ई रिक्शा चालको में नाराजगी है लेकिन शहर के ट्रेफिक व्यवस्थाओ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को ई रिक्शा संचालन को लेकर कोई व्यवस्थित कदम उठाना मज़बूरी बन गई है |
इधर इंदौर के राजबाड़ा में भी ई रिक्शा को बेन करने की तेयारी
राजवाड़ा पर 7 दिनों के लिए ऑटो और ई रिक्शा को प्रतिबंधित किया जाएगा। ट्रैफिक सुधरा तो स्थायी प्रतिबंध लग जाएगा। नवलखा चौराहे पर शाम 4 से रात 10 बजे तक ट्रक-बसों की एंट्री नहीं होगी। रेडिसन चौराहे पर एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) बनाया जाएगा। यदि यहां सफल रहा तो शहर के दूसरे चौराहों पर भी एफओबी बनाए जाएंगे। शुक्रवार को कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ऐसे कई निर्णय लिए गए। राजवाड़ा पर ऑटो-ई रिक्शा पर प्रतिबंध की तारीख तय होना बाकी है।
