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ग्राम पंचायत रूणजी, बिछड़ौद के किसानों को पंजीयन में आ रही दिक्कत, समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने का संकट

ऑनलाइन गिरदावरी न होने से नहीं हो रहा पंजीयन, स्लॉट बुकिंग में भी आ रही परेशानी

दिपांशु जैन घट्टिया@जनसंवाद एक्सप्रेस  || ग्राम पंचायत रूणजी, बिछड़ौद (खालसा) सहित अन्य चार गांवों के किसान गेहूं उपार्जन पंजीयन को लेकर भारी समस्या झेल रहे हैं। ऑनलाइन गिरदावरी अपडेट न होने के कारण वे अब तक समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन नहीं करवा सके हैं। पंजीयन की अंतिम तिथि 31 मार्च है, लेकिन कई किसानों का पंजीयन लंबित है, जिससे उनकी फसल अधर में लटकी हुई है।

पंजीयन में देरी से किसानों की चिंता बढ़ी।

15 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू हो चुकी है, लेकिन जिन किसानों का पंजीयन अब तक नहीं हो पाया है, वह सरकारी केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। गिरदावरी सत्यापन में देरी के कारण किसानों को पंजीयन की अनुमति नहीं मिल रही है।

पटवारियों का दावा– समय पर गिरदावरी सत्यापित की, फिर भी समस्या बरकरार।

इस मुद्दे पर क्षेत्रीय पटवारियों का कहना है कि गिरदावरी सत्यापन की अंतिम तिथि 16 मार्च थी, लेकिन उन्होंने 1 मार्च को ही गिरदावरी वेरीफाई कर दी थी। इसके बावजूद कई किसानों का नाम ऑनलाइन रिकॉर्ड में नहीं जुड़ पाया है, जिससे वह पंजीयन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

इस संबंध में एसडीएम राजाराम करकरे ने किसानों को आश्वस्त किया कि वह बिना गिरदावरी वेरीफाई किए भी पंजीयन करा सकते हैं। समितियों के पंजीयन केंद्रों पर गिरदावरी जोड़ने का विकल्प भी उपलब्ध करा दिया गया है। हालांकि, किसानों के लिए अब स्लॉट बुकिंग में परेशानी आ रही है, जिससे वे अपनी उपज का विक्रय नहीं कर पा रहे हैं।

जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी– तकनीकी दिक्कतें दूर करने के प्रयास जारी…

जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी शालू पांडे का कहना है कि तकनीकी कारणों से स्लॉट बुकिंग में समस्या आ रही है, लेकिन इसे जल्द हल कर लिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह नियमित रूप से पोर्टल चेक करें और संबंधित अधिकारियों से संपर्क में रहे।

किसानों का आरोप– प्रशासनिक लापरवाही से बिगड़ रहे हालात।

ग्राम पंचायत रूणजी के उपसरपंच सुमेरसिंह परिहार ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा, “किसानों के पंजीयन की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग और मिल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो किसानों को मजबूरी में अपनी उपज सस्ते दामों पर बेचनी पड़ेगी।”

भारतीय किसान यूनियन की मांग- पंजीयन की समय सीमा बढ़ाई जाए।

भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष भगवानसिंह राजपूत ने कहा, “गिरदावरी सत्यापन में देरी के कारण घट्टिया तहसील के कई किसानों का पंजीयन अटका हुआ है। दूसरी और, पंजीयन की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। तहसीलदार को अपनी आईडी से जल्द से जल्द गिरदावरी सत्यापित करनी चाहिए और पंजीयन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।” उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर प्रशासन को अवगत करा दिया गया है और समाधान का आश्वासन मिला है।

तहसीलदार का दावा– 2- 3 दिन में ऑनलाइन दिखेगी गिरदावरी।

प्रशासन का कहना है कि तहसीलदार जीवन मोघी की आईडी से प्रतिदिन गिरदावरी सत्यापित की जा रही है। अगले दो से तीन दिनों में किसानों को अपनी गिरदावरी ऑनलाइन देखने को मिल जाएगी, जिससे वे स्लॉट बुक कर सकेंगे।

किसानों ने चेताया– जल्द समाधान नहीं हुआ, तो करेंगे आंदोलन।

गांव के किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकला, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि प्रशासन हर बार नई तकनीकी समस्या बताकर मामले को टाल रहा है, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है।

अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक अपने वादों को पूरा करता है और किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य पर विक्रय करने का अवसर कब तक मिलता है।

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