Right age for Teeth Braces: आजकल टेढ़े-मेढ़े दांतों के ऊपर ब्रेसेज लगवाने का चलन काफी तेजी से बढ़ा है. हर कोई चाहता है कि उसके दांत परफेक्ट रहें. दातों को सही आकार देने के लिए ब्रेसेज़ का इस्तेमाल किया जाता है. दातों के छोटे-बड़े या टेढ़े-मेढ़े होने को मेडिकल साइंस के हिसाब से ऑर्थोडॉन्टिक प्रॉब्लम कहते हैं. आमतौर पर कोशिश होती है कि जब दातों का विकास हो रहा हो, तभी ब्रेसेज लगवा लेना चाहिए. आपको जानना ज़रूरी है कि किन परिस्थितियों में ब्रेसेज़ लगवानी चाहिए.
क्या आप जानना नही चाहते की ब्रेसेज लगवाने की क्या है सही उम्र
डॉक्टर्स के मुताबिक, बच्चों के लिए ब्रेसेज लगवाने की सही उम्र 10 से 14 साल की होती है. डॉक्टर्स का कहना है कि इस उम्र में सिर और मुंह का विकास हो रहा होता है, जिसकी वजह से दांतो का आकार ठीक किया जा सकता है. इस उम्र के बाद भी कई लोग इलाज करवाते हैं, लेकिन वह इलाज खतरे से खाली नहीं होता है.
बेनिओनलैम्बॉर्न ऑर्थोडोंटिक्स के अनुसार, अलग-अलग उम्र के हिसाब से अलग ढंग के इलाज भी बताए गए हैं. 10 से 14 साल के बच्चों के लिए रिमूवेबल प्लेट सजेस्ट की जाती है. बच्चे खुद से भी इसको निकाल और लगा सकते हैं.
इसके अलावा फिक्स प्लेट भी लगाई जाती है. किसी भी उम्र के लोग इसको लगा सकते हैं. कई प्रकार के मेटेलिक या सेरेमिक ब्रेकेट और वायर से बने ब्रेसेज़ व तारों का प्रयोग किया जाता है. ये एक से डेढ़ साल तक के लिए फिक्स कर दिया जाता है ताकि, जबड़ा ठीक रह सके. इसके अलावा अगर ब्रेसेज लगाने से समस्या सही नहीं होती है. तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह भी देते हैं. खास करके 25 से 30 साल की उम्र में जब दांतों का विकास रुक जाता है, तब ऐसा किया जाता है. सेजाइटल स्प्लिट ऑस्टियोटॉमी (एसएसओ) या डिस्ट्रेक्शन ऑस्टियोजिनेसिस सर्जरी के जरिए दांत/ जबड़े का आकार ठीक किया जाता है.
हमे कुछ सावधानियां बरतने की है जरुरत ब्रेसेज लगवाने के बाद कुछ सावधानियां बरतने की ज़रूरत होती है, जैसे नियमित रूप से ब्रश करें या बच्चे को करवाएं. खाना खाने के बाद ध्यान रखें कि कोई टुकड़ा कहीं फंसा ना रह जाए.
दांतों पर लगे हुए ब्रेसेज़ और तार काफ़ी नाजुक होते हैं. इन्हें हाथों से बिल्कुल न छूएं. ब्रेसेज हटने के एक साल बाद तक रिटेनर पहनकर रखें, जिससे कि जब सही स्थिति में टेढ़े दांत आएं, तो वह स्थायी बन सकें. ध्यान देने वाली बात है कि यह काफी नाजुक होता है और इसकी वजह से मुंह के अंदर चोट भी लग सकती है, तो इसका ध्यान रखें.

