भोपाल/उज्जैन | मध्यप्रदेश में आवारा मवेशियों को लेकर आम लोगो को आने वाली परेशानिया कम होने का नाम नहीं ले रही है , सडको पर गायो का डेरा हो या गली मोहल्लो में कुत्तो का आतंक आम लोग परेशान हो रहे है , जबकि नगर निगम की टीमे नाम मात्र की कार्रवाही कर वाह बाही लुटने का काम कर रही है |
मवेशियों को पकड़ने वाली टीम देती गाय मालिको को साथ
नगर निगम उज्जैन की स्थिति तो ऐसी है की जब भी शहर में मवेशियों को पकड़ने के लिए निकलती है मवेशियों के मालिको को भी सुचना हो जाती है और वही निगम के अमले के आगे आगे चलने लगते है , असर यह होता है की निगम खाली हाथ लौटता है और मवेशी मालिक सडको पर बैठी गायो को गली मोहल्लो में भगा देते है | स्थिति जस के तस रह जाती है अगले दिन से फिर मवेशी सडको पर दिखने लगते है , ये हालत है मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह नगर की निगम टीम की |
बात राजधानी की करे तो यह कुत्तो का आतंक
राजधानी में स्ट्रीट डॉग्स का आतंक है। कुत्तों के काटने से 13 दिन में दो बच्चों की मौत भी हो चुकी है। वहीं, 20 दिन में 500 से अधिक लोग कुत्तों का शिकार हो चुके हैं। आवारा कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों को लेकर एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सीएम डॉ. मोहन यादव को लेटर भी लिखा था। इसके बाद वे गुरुवार को नगर निगम के अफसरों के साथ मीटिंग करेंगी।
सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, इस संबंध में भोपाल नगर निगम के अधिकारियों के साथ मैं बैठूंगी। इस विकराल समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास होगा।
1. मैंने पूरे प्रदेश में खासकर भोपाल में श्वानों के द्वारा लोगों को काटने या बच्चों को खा जाने के संबंध में आज दोपहर में 12:00 बजे एक पत्र मुख्यमंत्री महोदय को लिखा।
2. पत्र लिखने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से ही इस इस पर कार्यवाही प्रारंभ हुई तथा मुझे भोपाल जिला कलेक्टर का… pic.twitter.com/aKGuV7D1ni
— Uma Bharti (@umasribharti) January 31, 2024
जिला प्रशासन के अफसर भी साथ में रहेंगे
मीटिंग में जिला प्रशासन से एडीएम स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि बैठक में जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे।
सीएम डॉ. यादव को उमा ने यह लिखा था लेटर
भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स के हमलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने CM डॉ. मोहन यादव को बुधवार को लेटर लिखा था। इसमें उन्होंने पुरानी घटनाओं का जिक्र भी किया था। बता दें कि कुत्तों के काटने से 10 जनवरी को मिनाल रेसीडेंसी क्षेत्र स्थित पार्क के पास 7 महीने के मासूम केशव और 23 जनवरी की रात में 4 साल के सुलेमान की मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री के गृह नगर में भी नगर निगम नहीं दे रहा ध्यान
इधर राजधानी के बाद उज्जैन की बात करे जो प्रदेश के मुखिया की गृह नगरी है यह भी श्वानो से आम लोग परेशान नजर आ रहे है हर रोज जिला अस्पताल में कुत्तो के काटने के मामले पहुच रहे है . नगर निगम की टीम दिखावा मात्र कार्रवाही करती है , जबकि अधिक बार तो निगम की टीम जिस मोहल्ले से कुत्तो को पकडती है वह अगले दिन छोड़ जाती है

