उज्जैन | मध्यप्रदेश के उज्जैन में सालो से परम्परा अनुसार सावन और भादो माह में बाबा महाकाल की सवारी निकाली जाती है , किसी वर्ष बाबा की 6 सवारी निकलती है तो किसी वर्ष सवारी की संख्या इससे बढ़ भी जाती है | शुरुवात में सावन की सवारी निकलती है जिसके बाद भादो माह की सवारी निकलती है |
बाबा की अंतिम सवारी भव्य रूप से निकलती है जिसे शाही सवारी कहा जाता है लेकिन अब बाबा की शाही सवारी का नाम राजसी सवारी बोला जाएगा |
दरअसल बाबा की सवारी के आगे शाही शब्द लगने को लेकर राजनीति शुरू हो गई है , कुछ जानकारों का कहना है की शाही शब्द इस्लामिक है और उर्दू भाषा से लिया गया है इसलिए इस शब्द का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए |
शाही शब्द को लेकर आपत्ति आने पर अब प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी शाही की जगह राजसी सवारी कहने का निर्णय लिया है |
शाही और सवारी दोनों ही उर्दू शब्द लेकिन शाही का मध्य अंग्रेजी और सवारी का फ़ारसी भाषा से हुई उत्पत्ति
शाही शब्द को उर्दू से लिया गया शब्द होने के चलते बाबा की सवारी से अब शाही शब्द को हटा कर राजसी शब्द का उपयोग किया जा रहा है जबकि शाही ही नहीं सवारी शब्द भी उर्दू शब्द है , Google सर्च करने पर आपको ये पता चल जाएगा की शाही शब्द किन भाषाओ से लिया गया है और सवारी शब्द भी उर्दू शब्द है |
आपको बताना चाहेंगे की शाही शब्द कई भाषाओं से लिया गया है, जिनमें से कुछ ये हैं: मध्य अंग्रेज़ी, पुराने फ़्रांसीसी, लैटिन, रेक्स (राजा). इसका उपयोग राजा महाराजाओ के समय से चला आ रहा है , शाही शब्द का मतलब है, राजा से जुड़ा या राजा से संबंधित.है जो की राजा महाराजाओ के शाही महल ,शाही अंदाज के रूप में बोला जाता रहा है |

उज्जैन में बाबा महाकाल को नगर का राजा माना गया है और वह नगर भ्रमण पर प्रजा के हाल जानने के लिए निकलते है इसलिए उनकी सवारी के आगे शाही शब्द का उपयोग किया जाता रहा है |
वही सवारी शब्द भी एक उर्दू शब्द होने के साथ साथ फारसी से लिया गया शब्द है इसी तरह बाबा शब्द भी उर्दू का ही शब्द है |
उर्दू से लिया गया शब्द शाही या सवारी
शाही शब्द उर्दू से लिया गया शब्द नहीं है , शाही शब्द उर्दू से नहीं, बल्कि फ़ारसी से लिया गया है. शाही शब्द का मतलब होता है राजसी. जैसे, शाही महल या शाही दरबार जबकि सवारी शब्द उर्दू से लिया गया शब्द है , इसी तरह सवारी एक उर्दू शब्द जरुर है जबकि उसे फ़ारसी से लिया गया है |


इस्लामिक भाषा उर्दू नहीं अरबी
सोशल मीडिया और एक समाचार पत्र की खबर के अनुसार शाही शब्द इस्लामिक होने के चलते कई विद्वानों ने इस पर तर्क वितर्क शुरू किये है जबकि इस्लामिक किताब उर्दू नहीं अरबी में लिखी गई है , इस्लामिक बोली चाली की भाषा अरबी मानी गई है ,जबकि इस्लामिक किताब के अनुवाद उर्दू शब्दों में किया गया है |

