बदनावर सिविल हॉस्पिटल में बुधवार रात जब ग्राम सेमलिया से आए मरीज को ड्यूटी रत डॉक्टर संदीप श्रीवास्तव द्वारा प्रशिक्षण उपरांत मृत घोषित कर दिया गया यह सुनकर मरीज के साथ आए लोगों ने आपा खो दिया एवं अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी जिससे अस्पताल के नर्स स्टाफ घबराकर दूसरी मंजिल पर चला गया मरीज के परिजनों का कहना था कि डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं हुए वरना मरीज बच सकता था
जबकि डॉक्टर का कहना है कि किसी एक्सीडेंट केस को देखने के उपरांत जैसे ही घर गए तभी यह घटना हुई आक्रोशित परिजनों द्वारा 40 से 50 की संख्या में हथियार लेकर आए तथा डॉक्टर श्रीवास्तव से हाथापाई की एवं उनका मोबाइल छुड़ाकर जमीन पर फेंक दिया डॉक्टर ने कमरे में अंदर घुसकर दरवाजा लगा लिया जिससे उनका उनकी जान बची तथा उपद्रवियों द्वारा टेबल तोड़ दी गई कांच फोड़ दिए गए तथा सिक्योरिटी गार्ड व अन्य स्टाफ के साथ मारपीट की गई खराब पड़े हुए हैं सीसीटीवी कैमरे विदित हो कि कई बार अखबारों मैं प्रकाशन के माध्यम से जवाबदार अधिकारियों को चेताया जा चुका है कि सीसीटीवी खराब होने से कभी भी किसी अप्रिय घटना होने पर समस्या आ सकती है किंतु इस पर जवाब देह अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की गई यदि समय रहते सीसीटीवी कैमरा चालू करवा दिए गए होते तो इस प्रकार की घटनाओं में सबूत ढूंढने की आवश्यकता नहीं होती किसी व्यक्ति के परिवार का सदस्य चला जाता है तो दुख होना लाजमी है सभी की सहानुभूति भी ऐसे परिवार के साथ होती है लेकिन इस प्रकार की घटनाओं को किसी भी प्रकार से उचित नहीं ठहराया जा सकता किंतु जवाबदेह अधिकारियों द्वारा यहां यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि डॉक्टर्स व स्टाफ की उपलब्धता समय पर हो वही उनकी सुरक्षा हेतु उपाय भी आवश्यक है जिसके वह अधिकारी भी हैं
