नई दिल्ली || गांधी परिवार की आयरन लेडी -2 प्रियंका गाँधी वाड्रा ने अपने राजनीतिक कॅरियर के पहले ही चुनाव में धमाकेदार जीत के साथ सदन तक पहुँचने के अपने रास्ते को साफ़ कर लिया है , केरल के वायनाड से प्रियंका गाँधी लोकसभा के लिए निर्वाचित हो गईं। वायनाड में 64.99 प्रतिशत वोट शेयर के साथ अब प्रियंका अपनी राजनीति देश के दक्षिणी हिस्से से शुरू करेंगी। केरल के वायनाड उपचुनाव में उनके निर्वाचन के बाद यह पहली बार है कि संसद में गांधी-नेहरू परिवार तीन सदस्य होंगे। उनके भाई राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं तथा मां सोनिया गांधी राज्यसभा की सदस्य हैं। प्रियंका ने सीपीआइ के सत्यन मोकेरी को 4,10,931 वोट से हराया। यह उनके भाई राहुल के 2019 के 4,31,770 वोटों के अंतर से थोड़ा ही कम है।
प्रियंका वाड्रा अब गांधी परिवार की चौथी महिला सांसद
इंदिरा गाँधी की पोती और राजीव गाँधी की बेटी प्रियंका संसद पहुंचने वाली गांधी परिवार की 9वीं सदस्य और चौथी महिला सदस्य हैं। प्रियंका से पहले गांधी परिवार से जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, फिरोज गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, मेनका गांधी, वरुण गांधी और राहुल गांधी सियासत में उतर चुके हैं। गांधी परिवार की महिला के तौर पर इससे पहले उनकी दादी और देश की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी, मां सोनिया गांधी और चाची मेनका गांधी लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। प्रियंका ने केरल के वायनाड से प्रचंड जीत हासिल कर अपने राजनीतिक सफ़र को शुरू कर लिया है |
रायवरेली और वायनाड से कांग्रेस ने हासिल की थी जीत , राहुल ने वायनाड छोड़
रायवरेली सीट रखी
प्रियंका को पहले वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए संभावित चुनौती के रूप में और परिवार के गढ़ रायबरेली में कांग्रेस की दिग्गज नेता सोनिया गांधी के उत्तराधिकारी के रूप में पेश किया गया था। हालांकि, कांग्रेस ने उन्हें वायनाड से मैदान में उतारने का फैसला किया। लोकसभा चुनाव के कुछ दिनों बाद, जून में कांग्रेस ने घोषणा की थी कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में रायबरेली संसदीय क्षेत्र रखेंगे और केरल की वायनाड सीट खाली कर देंगे, जहां से प्रियंका लड़ेंगी। इस सीट से राहुल लगातार दो चुनावों में जीते थे। लोकसभा चुनाव में प्रियंका ने रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।