टोक्यो/जापान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस मौके पर दोनों देशों के बीच कई मुख्य समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इससे पहले आयोजन स्थल पर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
जापान दौरे पर शोरिंजन दारूमाजी टेंपल के मुख्य पुजारी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दारूमा डॉल उपहार के तौर पर दिया। दारूमा डॉल को संकल्प और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
सदियों पुरानी जापानी परंपरा का प्रतीक बनी दारूमा डॉल्स आज भी देशभर में सौभाग्य, समृद्धि और इच्छाओं की पूर्ति की आशा के साथ घरों, में सजाया जाता है। खास बात यह है कि इन रंग-बिरंगी डॉल्स का केंद्र ताकासाकी शहर है, जिसे ‘दारूमा डॉल्स की राजधानी’ कहा जाता है।
दारूमा शब्द की जड़ें संस्कृत के ‘धर्म’ शब्द से जुड़ी हैं। गुम्मा प्रीफेक्चर के ताकासाकी में स्थित शोरिंज़न दारूमा-जी मंदिर को दारूमा डॉल्स का जन्मस्थान माना जाता है। हर साल जनवरी में यहां पारंपरिक दारूमा मेला आयोजित किया जाता है, जिसकी शुरुआत रेशम व्यापारियों ने व्यापार में सफलता की कामना के साथ की थी।