नई दिल्ली || विधि और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा है कि भारत विश्वसनीय मध्यस्थता संस्थानों का एक नेटवर्क स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, मध्यस्थता के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। श्री मेघवाल ने आज सिंगापुर में विधि और विवाद समाधान में सहयोग पर समझौता ज्ञापन के तहत स्थापित भारत-सिंगापुर संयुक्त परामर्शदात्री समिति की पहली बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। श्री मेघवाल ने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता ज्ञापन मध्यस्थता और मध्यस्थता के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग को गहरा करने के दोनों देशों के साझा संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान भारत की कानूनी सुधार यात्रा का केंद्र बन गया है। बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने संस्थागत मध्यस्थता, मध्यस्थता और न्यायालयों के माध्यम से वाणिज्यिक विवाद समाधान के क्षेत्रों में अपने-अपने क्षेत्राधिकारों की सर्वोत्तम प्रथाओं को भी साझा किया।