भोपाल /नई दिल्ली || मध्य प्रदेश का भोपाल संभाग इस ठण्ड के मौसम में अब तक में सबसे अधिक ठंडा रहा. राजधानी के मुकाबले उज्जैन और इंदौर संभाग में तापमान 5 डिग्री अधिक है. भोपाल में पारा 6.8 डिग्री पर रहा. शीतलहर ने इस बार लोगों को परेशान कर रख दिया है. इसके मद्देनजर सरकार की ओर से जरूरी अलर्ट जारी किया है. दिसंबर और जनवरी माह में सर्द हवाओं से सेहत पर गंभीर प्रभाव के मद्देनजर सावधानियों और तैयारियों के राज्य सरकार ने निर्देश जारी किए हैं.
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से भी ‘नेशनल गाइडलाइंस फॉर प्रिपरेशन ऑफ एक्शन प्लान – प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट ऑफ कोल्ड वेव एंड फ्रॉस्ट’ जारी की गई है, जिससे शीतलहर से बचाव और प्रबंधन के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा सकें.
इन दिशा-निर्देशों के तहत सभी संबंधित विभागों और अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. एमपी के आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मुख्य चिकित्सा, स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारी अस्पतालों में शीतलहर से बचाव के लिए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करेंगे. साथ ही शीतघात और हाइपोथर्मिया से पैदा स्वास्थ्य समस्याओं की त्वरित पहचान और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था सभी अस्पतालों में करने के लिए कहा गया है.