उज्जैन || मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं से दर्शन के नाम पर रुपए वसूलने और मंदिर को राजस्व का नुक्सान पहुंचाने के मामले में मंदिर के दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद उनका पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ की थी , आज दोनों ही आरोपी राकेश और विनोद का पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद उन्हें कोर्ट पेश किया गया , दोनों ही आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस को छ और आरोपी के नाम मिले है जिनका मंदिर में दर्शन के नाम पर रूपये वसूल करने में भूमिका पाई गई है , महाकाल थाना पुलिस ने मामले में 6 नए आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की है। सभी को हिरासत में भी ले लिया गया है|
मंदिर मामले में 06 नए आरोपी बनाए गए अब तक 08 लोगो को बनाया गया आरोपी
उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार, गिरफ्तार विनोद चौकसे और राकेश श्रीवास्तव से मिली डिजिटल जानकारी के आधार पर जिला सत्कार के अभिषेक भार्गव, सभा मंडप प्रभारी राजेंद्र सिसोदिया, राजकुमार सिंह, और रितेश शर्मा नामक मंदिर के चार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा, मंदिर में आउटसोर्स कंपनी के दो कर्मचारी ओम प्रकाश माली और जितेंद्र पर भी एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। आरोपियों के मोबाइल जब्त कर उनसे अन्य जानकारी हासिल की जा रही है।

अभिषेक के शिपा सलाकार मनीष प्रवीण और भीम
महाकाल थाना पुलिस के हाथ लगे सत्कार प्रभारी अभिषेक भार्गव के लिए मनीष शर्मा और भीम नाम के दो कर्मचारी काम करते थे जनसंवाद एक्सप्रेस के पास कुछ व्हात्सप्प चेटिंग हाथ लगी है जिसमे अभिषेक भार्गव श्रधालुओ को दर्शन करवाने सम्बन्धी चर्चा की चेटिंग कर रहे है , जिसमे उनके द्वारा पैसो सम्बन्धी लेनदेन की चर्चा की गई और हिसाब मनीष से करने का जिक्र किया गया है | जो बताती है की अभिषेक भार्गव के लिए पैसो का लेनदेन मनीष शर्मा के द्वारा किया जाता था जबकि मनीष का लिंक भीम से था भीम मंदिर के प्रोटोकाल विभाग का कर्मचारी है , वही मनीष जिला सत्कार का कर्मचारी है | अगर महाकाल थाना पुलिस मनीष के खातो की पड़ताल करती है तो कई खुलासे हो सकते है ,
पैसो को कागज बोलता है मनीष
जनसंवाद एक्सप्रेस के हाथ लगी चेटिंग से साफ़ होता है की अभिषेक भार्गव के साथ काम करने वाला मनीष शर्मा पैसो को कागज की तरह परिभाषित करता है चेटिंग में वह सामने वालो को कह रहा है की पुराने कागज भी भेज देना जिसका जवाब मिला है की 8000 तो है हो जाएगा
भीम को मांगता है हाथो हाथ हिसाब
दर्शन की ड्रिल की चेटिंग में स्पष्ट कहा जा रहा है की भीम को समझाओ वह हाथो हाथ हिसाब मांगता है , भीम महाकाल मंदिर के प्रोटोकाल का कर्मचारी है जो प्रोटोकाल ऑफिस से मंदिर के अन्दर तक श्रद्धालु को लेकर जाने का काम करता है , जिला प्रोटोकाल ऑफिस से अभिषेक या मनीष जो भी पॉइंट भेजते है वह भी के पास जाते है और वही श्रद्धालु को मंदिर के अन्दर तक लेकर जाने का काम करता है | इस पुरे मामले में भीम की क्या भूमिका क्या है वह तो पुलिस ही बता सकती है लेकिन अभिषेक और मनीष की चेटिंग भीम प्रवीनजैसे नए नाम का भी खुलासा कर रही है |
मनीष की चेटिंग में किस प्रवीण का हो रहा जिक्र
महाकाल मंदिर के दर्शन के नाम पर रूपये वसूल करने के मामले में पुलिस हर रोज नए खुलासे कर रही है ऐसे में जनसंवाद एक्सप्रेस के हाथ लगी चेटिंग में कई नए नाम का भी खुलासा होता नजर आ रहा है ये चेटिंग गुरुवार को पुलिस द्वारा आरोपी बनाये गए सत्कार कर्मचारी अभिषेक भार्गव और उसके साथी मनीष की है दो अलग अलग चेटिंग में भीम और मनीष नाम के दो लोगो का जिक्र हो रहा है |
मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ पर गिरी गाज
महाकाल मंदिर में दर्शन के नाम पर उजागर हुई बड़ी धोखाधड़ी के बाद प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार एक्शन में आ गई है। कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासक गणेश धाकड़ को हटा दिया है। प्रशासक का प्रभार फिलहाल जिला पंचायत सीईओ या एडीएम को सौंपने की तैयारी चल रही है।
जल्द इसका आदेश जारी होने की संभावना है। महाकाल मंदिर में भक्तों से रुपए लेकर दर्शन कराने के मामले में कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने जांच रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी थी। सूत्रों के अनुसार धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासक गणेश धाकड़ को हटाने का आदेश जारी कर दिया है।
इस आदेश के बाद प्रशासक का प्रभार स्थानीय अधिकारी को सौंपने की कवायद चल रही है। आईएएस और सीईओ जिला पंचायत जयति सिंह या एडीएम अनुकूल जैन को प्रभार सौंपा जा सकता है। कलेक्टर जल्द ही आदेश जारी कर सकते हैं। धाकड़ को चार माह पहले ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी थी। तब प्रशासक का प्रभार एडीएम अनुकूल जैन के पास था। इसके पहले जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीणा प्रशासक का प्रभार संभाल रहे थे, लेकिन 10 अगस्त 24 को उन्हें कलेक्टर बालाघाट बनने पर रिलीव कर दिया गया था।
एक्शन के दो बड़े मामले
1. मंदिर में रुपए लेकर दर्शन कराने के मामले में दर्शन प्रभारी राकेश श्रीवास्तव और सफाई निरीक्षक विनोद चौकसे को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मंदिर प्रशासन ने दोनों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। जांच में दोनों के बैंक खातों में लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन भी हुआ।
2. महाकाल मंदिर परिसर में इंदौर के एक दानदाता के दानराशि से तीन कमरों का निर्माण कराया गया था। बाद में इन कमरों को तोड़ दिया गया था। मामले में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने प्रशासक धाकड़ को नोटिस जारी किया था।
धाकड़ के दो कार्यकाल
पहले 1 साल 7 दिन प्रशासक रहे थे धाकड़।
14 सितंबर 2021 में नगर निगम से सेवाएं लेकर प्रशासक पद पर नियुक्ति की गई थी।
21 सितंबर 22 को विभाग ने धाकड़ की सेवाएं वित्त विभाग को वापस कर दी थीं।
अब 4 माह 10 दिन का कार्यकाल
14 अगस्त 2024 को विभाग ने दोबारा प्रशासक नियुक्त किया।
दूसरी पारी में चार माह बाद ही ‘बोल्ड’
वित्त विभाग के अधिकारी गणेश धाकड़ को दूसरी बार प्रशासक नियुक्त किया गया था। पहली पारी एक साल से ज्यादा समय तक चली तो दूसरी पारी में वे चार माह बाद ही क्लीन बोल्ड हो गए। सूत्रों के अनुसार विभाग ने बुधवार को ही धाकड़ को हटाने का आदेश जारी कर दिया है।
इनका कहना .....महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों के साथ धोखाधड़ी की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन ने प्रशासक को हटाने का आदेश कर दिया है। अब किसी को प्रभार देना पड़ेगा। इस पर निर्णय होना है। –नीरजकुमार सिंह, कलेक्टर
महाकाल मंदिर मामले में गिरफ्तार किये गए दो आरोपी विनोद और राकेश के बाद छ नए आरोपी बनाए गए है जिसमे अभिषेक भार्गव , राजकुमार , रितेश शर्मा , राजेन्द्र सिंह , ओमप्रकाश और जितेन्द्र है , मामले की अभी जाँच चल रही है और जो भी नाम सामने आएँगे उन्हें आरोपी बनाया जाएगा -- प्रदीप शर्मा एसपी उज्जैन