भोपाल || मध्यप्रदेश में भाजपा अपने जिला अध्यक्षों और शहर अध्यक्षों के नाम की घोषणा नहीं कर पा रही है , इसे पार्टी की आंतरिक खीचतान भी माना जा रहा है , कही ना कही मध्यप्रदेश भाजपा में भी अब गुटबाजी हावी होने लगी है , एक समय पर कांग्रेस गुटबाजी का शिकार हुआ करती थी लेकिन अब यही नजारा भाजपा में भी देखने को मिल रहा है , लंबी बैठकों और विचार-विमर्श के बावजूद अब तक बीजेपी जिलाध्यक्षों की घोषणा नहीं हो सकी है। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने बैठक की। बीजेपी जिलाध्यक्षों की लिस्ट को लेकर 24 घंटे का इंतजार और करना पड़ सकता है।
दरअसल बीजेपी ने सूत्रों के अनुसार जिलाध्यक्षों के नामांकन फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शनिवार को कई जिलों में जिलाध्यक्ष के संभावित दावेदार के नामांकन फॉर्म पर मंडल अध्यक्षों के बतौर प्रस्तावक दस्तखत कराकर फार्म भोपाल बुलाए गए। बाकी बचे जिलों में आज नामांकन फॉर्म भरवाकर बुलवा लिए जाएंगे।
सूत्रों की मानें तो जिलाध्यक्ष के नामांकन फॉर्म पर किसी उम्मीदवार का नाम नहीं लिखा है। फॉर्म पर एक समर्थक और प्रस्तावक के साइन कराए जा रहे हैं। इसके बाद रायशुमारी में आए नामों और वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति में जिसका नाम तय हुआ है। उसका नामांकन फॉर्म भरकर जिलाध्यक्ष के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक संगठन सूची जारी कर विवाद से बचना चाह रहा है। इसलिए चुनाव अधिकारियों को जिला अध्यक्षों के घोषणा की जिम्मेदारी दे गई है। अब जिला निर्वाचन अधिकारी ऊपर से बताए गए नाम पर सभी की सहमति बनाकर जिला अध्यक्षों की घोषणा करेंगे और वहां उपजे विवाद को भी संभालेंगे।