उज्जैन || उज्जैन में चल रहे विक्रमोत्सव 2025 की सीरिज में शनिवार की रात टावर चौक पर कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया , जिसमे देश के ख्यात कवियों ने हिस्सा लिया , अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में विक्रमादित्य, उनके युग और भारत उत्कर्ष पर केंद्रित कविताएं प्रस्तुत की गईं।
नई दिल्ली से आईं कवयित्री कीर्ति काले ने मां सरस्वती की वंदना के साथ श्रृंगार रस की कविताएं सुनाईं। पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा ने अपनी हास्य कविताओं से दर्शकों को हंसाया। फिल्म गीतकार शेखर अस्तित्व और मुंबई से आए संजू फेमा व सुरेश अलबेला ने भी श्रोताओं का मन मोह लिया। जबलपुर के सुदीप श्रोला ने भी अपनी प्रस्तुति दी।
जयपुर से आए अशोक चारण ओज और इटावा के गौरव चौहान ने वीर रस की कविताएं सुनाईं। अयोध्या से आए पंडित सात्विक नीलदीप ने भक्ति रस की रचनाएं प्रस्तुत कीं। बड़नगर के गीतकार पुष्पेंद्र पुष्प ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं।
रात 03 बजे तक चला टावर पर कवि सम्मलेन
विक्रमोत्सत 2025 कवि सम्मलेन उज्जैन के टावर चोक पर आयोजित किया गया शाम 09 बजे कवि सम्मेलन में कवियों ने समां बांधना शुरू किया जो देर रात 03 बजे समाप्त हुआ , सम्मलेन में देश भर से आए कवियों ने अपनी कविताओ की ताकत से श्राताओ को जोड़ कर रखा |
दिल्ली से आई कवित्री हुई नाराज
नई दिल्ली से आईं कवयित्री कीर्ति काले को काफी समय के बाद बोलने का मोका मिला और उनके बाद हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा को मंच संभालना था ऐसे में सामने बैठी जनता ने कवित्री के बोलने के साथ उन्हें मंच छोड़ सुरेन्द्र सर्किट को माइक देने की आवाज लगाना शुरू कर दी जिससे , कवित्री कीर्ति काले नाराज हो गई और उन्होंने मंच से ही अपनी नाराजगी दिखाते हुए कहा की मुझे काफी देर के बाद बोलने का मोका दिया गया जो गलत है |नाराज कवित्री ने मंच पर बैठे सूत्रधार पर भी नाराजगी दिखाई