नई दिल्ली || सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी से विवादों में घिरे मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह के मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस जेजे सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने मामला सुना।
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- SIT ने 21 मई को जांच की, वो बयान देने वाली जगह गई थी। मोबाइल समेत कुछ सबूत भी इकट्ठा किए गए। गवाहों के बयान लिए गए। जांच अभी शुरुआती चरण में है। हाईकोर्ट से हमारी रिक्वेस्ट है कि वो हमारे साथ-साथ सुनवाई न करे।
SIT ने तय तारीख को जांच रिपोर्ट पेश कर दी। SIT ने कुछ और समय मांगा है। इस मामले की सुनवाई अब जुलाई के पहले हफ्ते में होगी।
इस बार कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी प्रतिक्रिया से इस मुद्दे पर राजनीति करने वालों को भी दो टूक जवाब दिया है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए. इस मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच कर रही है.
सुप्रीम कोर्ट में जज ने कहा कि “जांच अभी शुरुआती चरण में है. हाईकोर्ट से हमारी रिक्वेस्ट है कि वो हमारे साथ-साथ सुनवाई ना करे. SIT ने तय तारीख को जांच रिपोर्ट पेश कर दी. SIT ने कुछ और समय मांगा है. इस मामले की सुनवाई अब जुलाई के पहले हफ्ते में होगी.”
Supreme Court on Vijay Shah Case: इससे पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने महिला अधिकारी के बारे में शाह की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा, “आप किस तरह के बयान दे रहे हैं… सरकार के एक जिम्मेदार मंत्री, वह भी तब जब देश ऐसी स्थिति से गुजर रहा है… संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से संयम बरतने की अपेक्षा की जाती है. मंत्री के बोले हर वाक्य में जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए.”