उज्जैन || महाकाल की नगरी उज्जैन में रक्षा बंधन त्यौहार धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में सबसे अहम माने जाने वाले बाबा महाकाल के दरबार में आज सुबह तीन बजे भस्मारती हुई। इस दौरान बाबा महाकाल को विशेष राखी बांधी गई और सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया।
महाकाल को जो राखी बांधी गई है उसमें मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का उपयोग हुआ है। राखी पर भगवान गणेश जी विराजित हैं।शनिवार को सबसे पहले तड़के 3 बजे भस्म आरती के लिए पट खोले गए। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया। भस्म आरती के दौरान ही उन्हें विशेष श्रृंगार के साथ राखी अर्पित की गई।
पुजारी परिवार ने लगाया सवा लाख लड्डूओ का भोग
श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्री महाकालेश्वर भगवान जी को भस्मार्ती में पुजारी परिवार के अमर पुजारी द्वारा सवा लाख लड्डूओ का भोग लगाया गया।प्रथम पूजन पंचामृत पूजन , श्रृंगार के बाद भगवान को भस्म अर्पित की गई। जिसके पश्यात भगवान श्री महाकालेश्वर जी को पुजारी परिवार द्वारा रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रथम राखी बांधी गई। पुजारी श्री धर्मेंद्र शर्मा द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर को भोग लगाकर आरती सम्पन्न की गई।
रक्षा बंधन पर बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार,
भगवान महाकाल को राखी बांधने बाद भस्मारती के दौरान ही सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। इस महाभोग की तैयारी पिछले चार दिनों से चल रही है।मंगलवार से ही मंदिर में पुजारी कक्ष के पीछे भट्टी पूजन के साथ लड्डू बनाना शुरू हो गया था। लड्डू निर्माण करने वाले हलवाई ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल के लिए लड्डू बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने की विशेष पूजा
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सपत्नीक रक्षाबंधन के महापर्व श्रावण पूर्णिमा के पावन अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर में श्री महाकालेश्वर भगवान का पूजन-अर्चन कर अभिषेक किया।
सीएम मोहन यादव ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना के अनुष्ठान में शामिल हुआ। प्रदेश में कहीं अधिक तो कहीं कम बारिश हो रही है। मैं बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि हर जगह आनंद बरसाएं। यज्ञ शुरू हो गया है, बाबा महाकाल उसे सफल बनाएं।
मंदिर पुजारी आशीष ने कहा कि रक्षाबंधन पूर्णिमा महापर्व के अवसर पर, प्रदेश में उत्तम वर्षा की कामना के लिए भगवान महादेव के दरबार में महा रुद्राभिषेक प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा पूजन किया गया है। ब्राह्मणों के द्वारा सतत जलधारा और दूधधारा से अभिषेक किया जा रहा है।