इंदौर || मध्य प्रदेश के इंदौर में सावन के महीने में बारिश की कमी ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है, जिससे वायरल बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
जिले में बारिश की बेरुखी ने इस बार जुलाई और अगस्त के महीने में मौसम का पूरा मिजाज ही बदलकर रख दिया है। सावन के महीने में जहां आमतौर पर झमाझम बारिश होती है, जिससे वातावरण ठंडा और नमी भरा हो जाता है, वहीं इस बार बारिश का नामोनिशान तक नहीं है। लगातार सूखा मौसम और बढ़ती गर्मी ने लोगों की सेहत पर सीधा असर डाला है। शहर के बड़े अस्पतालों में वायरल बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एमवाय अस्पताल में रोजाना औसतन 3500 से 4000 मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 2000 से 2500 के बीच होती है। यही हाल शहर के अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों का भी है।
हर तीसरा मरीज वायरल फीवर से पीड़ित
एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल आने वाला हर तीसरा मरीज वायरल फीवर से ग्रसित है। मौसम में आए अचानक बदलाव और उमस भरे वातावरण के चलते वायरल तेजी से फैल रहा है। डेंगू, मलेरिया, खांसी-जुकाम, पेट के संक्रमण, स्किन एलर्जी जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि वर्तमान तापमान वायरस के पनपने के लिए आदर्श स्थिति प्रदान कर रहा है। न तो इतनी गर्मी है कि वायरस नष्ट हो जाए और न ही इतनी ठंड कि वायरस निष्क्रिय हो जाए। नतीजतन संक्रमण तेजी से फैल रहा है और इसके कारण तेज बुखार, गले में खराश, बदन दर्द, खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं।