उज्जैन | (जनसंवाद एक्सप्रेस ) मध्यप्रदेश में इसी साल चुनाव होना है और चुनावी साल होने के चलते कांग्रेस का भाजपा पर आक्रमक रूप देखने को मिल रहा है। लगातार धार्मिक नगरी में धर्म के मुद्दे पर ही कांग्रेस भाजपा को घेरना शुरू कर चुकी है ,उज्जैन में रविवार को महाकाल के महालोक में सप्त ऋषि की मूर्तियां गिरने के बाद कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के आरोप भाजपा पर लगा दिए है। कांग्रेस का वार इतना सही बैठा की भाजपा को भी सामने आकर सफाई देना पढ़ी , और कल तक जिस महाकाल लोक को लेकर भाजपा कहती थी की कांग्रेस ने कुछ नही कहा आज वह कहने लगी की महाकाल लोक कांग्रेस की देन ही है |
महाकाल लोक का मुदद अभी ठंडा भी नही हुआ था की शहर का मास्टर प्लान लागू होने के बाद एक मुद्दा ओर कांग्रेस को मिल गया है। जिसमें कांग्रेस ने सीधे तौर पर उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह परिवार के नाम की सिहंस्थ क्षेत्र की जमीनों को मास्टर प्लान में आवासीय करा ने के मकसद में कामयाब हो रहे है।
कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सज्जन सिंह वर्मा ने उज्जैन की एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता लेकर शासन द्वारा घोषित किए गए शहर के मास्टर प्लान को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव पर सीधे आरोप लगाए हैं। पूर्व मंत्री वर्मा ने कहा कि शहर का मास्टर प्लान पहले से ही विवादों में था, जो अब हाल ही में सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया है। मास्टर प्लान को लेकर करीब 463 आपत्तियों को दरकिनार कर दिया गया है |
सिहंस्थ 2016 में जिस भूमि पर सेटेलाइट टाउन का निर्माण किया गया था। वहां की भूमियों को आवासीय किया है। जबकि अधिकांश आपत्ति सेटेलाइट टाउन वाली भूमियों को सिहंस्थ के लिए आरक्षित रखने को लेकर की गई थी। वर्मा ने कहा कि सेटेलाइट टाउन के लिए दाऊद खेड़ी इंदौर रोड पर सिहंस्थ बायपास के कुल 148. 679 हैक्टर भूमि अधिग्रहित की गई थी। इसी तरह समस्त सेटेलाइट टाउन के लिए शहर में अधिग्रहित भूमि 352. 915 की गई थी। जिसे अब मास्टर प्लान में आवासीय कर दिया गया है। पूर्व मंत्री वर्मा ने कहा कि मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस स्थानीय लोगों और साधू-संतो को साथ लेकर उग्र अंदोलन की रणनीति तैयार कर रही है।
शिवराज सरकार में मंत्री यादव के परिवार के नाम पर जमीनें
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि सिहंस्थ क्षेत्र की भूमि भूमाफियाओं को सौंपने का संकल्प शिवराज सिंह और उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने लिया है। सिहंस्थ क्षेत्र की कई जमीन मंत्री मोहन यादव के परिवार के नाम पर है, जिसे आवासीय घोषित किया गया। वहीं राजनेताओं के पार्टनर की कृषि भूमि को बिना आवेदन दिए आवासीय किया है। जिससे शासन को करीब 500 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। वही आवासीय क्षेत्र में यह भूमि आने के बाद बिल्डरों को 15 सौ करोड़ रुपए का फायदा होगा।
मोहन यादव क्या है इंजिनियर है क्या
प्रेस वार्ता में पूर्व केबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा पूरी तरह से शिवराज सरकार के मंत्री मोहन यादव पर हमलावर नजर आए जब मास्टर प्लान पर दावे आपत्ति के दोरान की बात सामने आई तो नेता प्रतिपक्ष ने कहा की जिम्मेदार अधिकारियो को आपत्ति सुनना चाहिए तो वह मोहन यादव आपत्ति कर्ता को सुन रहे थे , इस पर विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने कहा की ये मोहन यादव क्या है, है क्या ये इंजिनियर है क्या , इस दोरान पत्रकारों के बिच से आवाज आई डाक्टर है , तो वही किसी दुसरे पत्रकार ने कहा की अच्छा जमीनों के डाक्टर |