भोपाल | मध्यप्रदेश में चुनाव जैसे जैसे नजदीक आते जा रहे है वैसे वैसे कांग्रेस और भाजपा की राजनीति में गर्माहट आती जा रही है | भोपाल और इंदौर समेत 41 जिलों में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व पीसीसी चीफ अरुण यादव और जयराम रमेश के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि इन नेताओं ने वायरल एक पत्र को सोशल मीडिया पर शेयर किया। जिसके आधार पर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर 50% कमीशन वाली सरकार होने का आरोप लगाया है।
ज्ञानेन्द्र अवस्थी नाम के अज्ञात शख्स पर भी केस दर्ज किया गया है। दरअसल जो लेटर सोशल मीडिया में चल रहा है। वह ‘लघु एवं मध्यम क्षेत्रीय संविदाकार संघ’ नाम की कथित संस्था के लेटर हेड पर है। उसमें नीचे की ओर ज्ञानेन्द्र अवस्थी नाम लिखा है। ये लेटर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर लिखा गया है।
उज्जैन में जिले के अलग अलग थानों पर भाजपा नेताओ ने की शिकायत
भाजपा ने कमीशन खोरी के लगे आरोपों के बाद प्रदेश में एक साथ प्रकरण दर्ज करवाने की मुहीम शुरू की , उज्जैन पुलिस कंट्रोल रूप पर भी विधायक पारस जैन सहित नगर भाजपा अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओ ने प्रदर्शन करते हुए एक ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सोपा और मुकदमा दर्ज करने की मांग की |
इधर इंदौर भोपाल में भी भाजपा ने खोला मोर्चा
बीजेपी नेताओं की शिकायत पर भोपाल की क्राइम ब्रांच और इंदौर के संयोगितागंज थाने में केस दर्ज किया गया है। इंदौर में बीजेपी विधि प्रकोष्ठ के नेता निमेश पाठक ने शिकायत की थी। इसमें प्रियंका पर ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से एक पत्र के जरिए भ्रामक ट्वीट करने का आरोप लगाया गया है। ये कहा गया कि कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी की छवि धूमिल करने का काम किया है। जिसके बाद रात 9:30 बजे संयोगितागंज थाने में (धारा 420, 469) FIR दर्ज की गई है।
भोपाल में भी शनिवार रात क्राइम ब्रांच में (धारा 469, 500, 501 के तहत) केस रजिस्टर्ड किया गया। डीसीपी क्राइम श्रुत्कीर्ति सोमवंशी ने इसकी पुष्टि की। इससे पहले शनिवार दोपहर में बीजेपी नेताओं ने क्राइम ब्रांच में कांग्रेस नेताओं की शिकायत की। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, ‘मप्र में चुनाव आते ही कांग्रेस रोज झूठ का सहारा ले रही है।’
बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि षड्यंत्रपूर्वक किसी ठेकेदार एसोसिएशन के नाम से फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर प्रचारित कर भाजपा की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई है। आवेदन में प्रियंका गांधी, कमलनाथ, जयराम रमेश, अरुण यादव समेत अन्य कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई की मांग की गई थी।