उज्जैन | उज्जैन में आज बाबा महाकाल की सावन के 5 वें और अंतिम सोमवार को सवारी निकली , बाबा इस सवारी के माध्यम से भक्तो का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकले ,इसी के साथ सोमवार को देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। वही मध्यपदेश के उज्जैन में शाम 4 बजे महाकाल भगवान की सावन माह की अंतिम सवारी निकाली गई। महाकाल होलकर मुखारविंद स्वरूप में प्रजा का हाल जानने निकले।
इधर मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव बाबा की सावन की अंतिम सवारी में शामिल हुए। वे झांझ-मंजीरा बजाते हुए चले। सीएम के साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा , उज्जैन के प्रभारी मंत्री गोतम टेटवाल , सांसद अनिल फिरोजिया , भी डमरू बजाते हुए साथ चले। सवारी मंदिर से निकलकर रामघाट पहुंची। यहां पर सीएम ने पालकी का पूजन किया। यहां से सवारी फिर मंदिर पहुंची। इस बार भगवान महाकाल की 7 सवारी निकाली जानी है। सावन माह की 5वीं सवारी सोमवार को निकाली गई। अब भादौ माह में 6वीं सवारी 26 अगस्त और आखिरी शाही सवारी 2 सितंबर को निकलेगी।
*सवारी में शामिल हुआ CRPF का बैंड* बाबा महाकाल की सवारी में हर बार कुछ नया अंदाज देखने को मिल रहा है वही अभी तक बाबा की सवारी में उज्जैन पुलिस का बेंड शामिल हुआ करता था लेकिन इस बार अलग अलग संस्थानों से बैंड को बुलाया गया है जिनकी प्रस्तुति बाबा की सवारी में देखने और सुनने को मिल रही है , पिछली सवारी में इंदौर पुलिस का बैंड शामिल हुआ था वही इस बार बाबा की सवारी में CRPF की बेंड टुकड़ी के द्वारा आकर्षित कर देने वाली प्रस्तुति दी , वही आने वाली सवारी में एस ऍफ़ बटालियन बैंड प्रस्तुति देखने को मिलेगी |
*प्रदेश के अलग जिले की स्थानीय प्रस्तुति* पहली बार बाबा महाकाल की सवारी में रंगारंग प्रस्तुतीया भी देखने को मिल रही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बाबा की सवारी को आकर्षित करने के लिए प्रदेश के अलग अलग जिले के कलाकारों को भी आमंत्रित करते हुए उन्हें हर सवारी में शामिल करवाया जा रहा है जिसमे लोक कलाकार की मुख्य भूमिका है , हर शहर की अपनी एक पहचान होती है वह के कलाकारों की एक अलग भूमिका होती है जो अपने आप में मन मोह लेने वाली होती है ऐसे कलाकारों को बाबा की सवारी में शामिल करवाया जा रहा है ताकि उज्जैन में निकलने वाली बाबा की सवारी प्रदेश भर के लोगो के लिए आकर्षित करने वाली हो
*बाबा की सवारी में दिखा सोहार्द* बाबा महाकाल की सवारी में मुस्लिम भाइयो का भी अपनापन भाई चारा देखने को मिला , रामघाट पर पालकी पूजन के पश्चात् पुन मंदिर के लिए जब पालकी जा रही थी इसी दोरान मुस्लिम परिवार ने भी बाबा की पालकी पर फूल बरसा कर गंगा जमुना तहजीब की मिशाल पेश की , हालाकि की रामघाट स्थित मोलाना मोज की मजार पर हार फूल की दूकान संचालित करने वाले अमजद खान सालो से बाबा की पालकी का स्वागत करते आ रहे है |