इंदौर /उज्जैन || गुरुवार को देश भर में गुरु पुष्प नक्षत्र का पर्व मनाया जा रहा है और आज के दिन बाजार में रोनक भी देखने को मिल रही है , आज के दिन महालक्ष्मी और विष्णु जी की पूजा का महत्व माना जाता है इसी के साथ गुरु पुष्प नक्षत्र के दिन नए सामना की खरीदी का भी महत्व है , हालाकि आज के दिन खास तोर पर सोने की खरीदी को जोर दिया जाता है |
अगर आप भी आज के दिन सोने की खरीदी करना चाहते है तो अखबारों में आने वाले लुभावने विज्ञापनों की जगह अपने विश्वसनीय ज्वेलर्स के पास से ही ज्वेलरी की खरीदी करे , क्योकि बड़े बड़े विज्ञापन देने वाले ज्वेलर्स आपके साथ फ्राड भी कर सकते है | 18 केरेट का गोल्ड 22 केरेट का बता कर आपको दे सकते है और आप पहचान भी नहीं पाएँगे | इस प्रकार के फ्राड को देखते हुए सरकार ने एक्ट भी बना दिया है जिसमे सजा का प्रावधान भी है |
18 कैरेट के गोल्ड को 22 का बताकर बेचना पड़ेगा भारी, इस एक्ट के तहत हो सकती है जेल की सजा
ज्वेलर्स 18 कैरेट के गोल्ड को 22 का बताकर ग्राहकों को बेच देते हैं. ग्राहक को जब यह पता चलता है तो वह अपने आप को ठगा हुआ महसूस करता है. लेकिन 18 कैरेट के गोल्ड को 22 का बताकर बेचना ज्वेलर्स को भारी पड़ सकता है.नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत ठगी और धोखाधड़ी करने वाले पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है|
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 देश में 20 जुलाई 2020 को लागू हो गया था. इसके कुछ प्रावधान 24 जुलाई से प्रभाव में आए थे. ग्राहकों के साथ होने वाली ठगी की आय दिन शिकायत आती थी. इसी के बाद केंद्र सरकार ने इस अधिनियम को लाने का फैसला किया था. आभूषणों की खरीद में ग्राहकों के साथ होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार एक और व्यवस्था लेकर आई थी. इसके तहत सोने के आभूषणों और कलाकृतियों के लिए हॉलमार्किंग की व्यवस्था देश में 15 जनवरी 2021 से शुरू हो गई है. इस संबंध में पिछले साल यानी 15 जनवरी 2020 को ही अधिसूचना जारी कर दी गई थी.|
नए कानून में सख्त कार्रवाई का प्रावधान
हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने के बाद सरकार हॉलमार्किंग केंद्र की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दे रही है. भारत में फिलहाल करीब 1000 हॉलमार्किंग केंद्र हैं. सोने गहने और कलाकृतियों की हॉलमार्किंग में दिक्कत न आए इसके लिए सरकार नए हॉलमार्किंग केंद्र भी खोल रही है. अगर ज्वेलर्स नए नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.
सरकार ने साफ कह दिया है कि धोखाधड़ी और ग्राहकों से ठगी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नियमों की अनदेखी करने की स्थिति में नए उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत ज्वेलर्स पर एक लाख रुपए का जुर्मामा और जेल अथवा दोनों की सजा हो सकती है. इस कानून में जुर्माना को काफी अधिक रखा गया है. ज्वेलर्स से सोने की कीमत का पांच गुना तक जुर्माना के रूप में वसूला जा सकता है.
सोना खरीदते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड रहता है। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह होता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।
2. कीमत क्रॉस चैक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना गया है, लेकिन इसकी ज्वेलरी नहीं बनती, क्योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आमतौर पर ज्वेलरी के लिए 22 कैरेट या इससे कम कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है।
मान लीजिए 24 कैरेट सोने का दाम 78 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम है। यानी एक ग्राम सोने की कीमत हुई 7,800 रुपए। ऐसे में 1 कैरेट शुद्धता वाले 1 ग्राम सोने की कीमत हुई 7,800/24 यानी 325 रुपए।
अब मान लीजिए आपकी ज्वेलरी 18 कैरेट शुद्ध सोने से बनी है तो 18×325 यानी इसकी कीमत 5,850 रुपए प्रति ग्राम हुई। अब आपकी ज्वेलरी जितने भी ग्राम की है उसमें 5,850 रुपए का गुणा करके सोने की सही कीमत निकाली जा सकती है।
मशहूर DP ज्वेलर्स पर हो चुकी है नकली होलमार्क को लेकर कार्यवाही
- एक ग्राहक ने शिकायत की थी कि डीपी ज्वेलर्स ने रतलाम के शोरूम से उसे नकली हॉलमार्क वाली ज्वेलरी बेची है.
- ग्राहक ने सबूतों के साथ शिकायत की थी.
- बीआईएस भोपाल के वैज्ञानिकों ने रतलाम जाकर इस मामले में जांच की थी.
- जांच में पुष्टि हुई थी कि डीपी ज्वेलर्स ने कई उपभोक्ताओं को नकली हॉलमार्क के ज़रिए ठगा है.
- अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने इस मामले की शिकायत बीआईएस के दिल्ली कार्यालय में की थी.
- हॉलमार्क पर तीन चिह्न होने चाहिए:
- बीआईएस लोगो (त्रिकोणीय)
- शुद्धता चिह्न (कैरेट/सुंदरता)
- 6 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफ़िकेशन (HUID) कोड
- बीआईएस लोगो (त्रिकोणीय)
- हॉलमार्क पर कोई खरोंच या धब्बा नहीं होना चाहिए.
- हॉलमार्क के चिह्न स्पष्ट और विस्तृत होने चाहिए.
- हॉलमार्क और सोने के रंग के बीच बेमेल जानकारी न हो.
- हॉलमार्क ज्वैलरी की ऑनलाइन जांच के लिए, बीआईएस केयर ऐप डाउनलोड करें.
- ऐप में अपना नाम, फ़ोन नंबर, और ईमेल पते से लॉग इन करें.
- ‘सत्यापित HUID’ अनुभाग में जाकर, HUID टाइप करें और सर्च करें.
- चुंबक परीक्षण करें. असली सोना चुंबकीय नहीं होता.
सोने की शुद्धता के आधार पर, इसे कैरेट में बांटा जाता है. जैसे, 22 कैरेट सोने को ‘BIS 916’ सोना कहा जाता है. इसी तरह, 23 कैरेट सोने को BIS 958 के रूप में लिखा जाता है - हॉलमार्क पर तीन चिह्न होने चाहिए: