इंदौर/उज्जैन || रंगपंचमी पर्व पर पिछले 70 सालो से निकलने वाली इंदौर की गैर इस बार भी परम्परा अनुसार निकाली जाएगी इस बार निकलने वाली गैर में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल होंगे | देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में रंगपंचमी पर होने वाली विश्वप्रसिद्ध पारंपरिक गेर बुधवार यानी रंगपंचमी पर्व को निकलेगी। करीब 3 किलोमीटर लंबी गेर में मुख्यमंत्री मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गी एनआरआई सहित लाखों लोग शामिल होंगे। इसमें लाखों लीटर पानी और हजारों किलो गुलाल-रंग लोगों पर उड़ाया जाएगा। नाच-गाने के लिए डीजे रहेंगे।
इस बार तीन गेर और एक फाग यात्रा निकलेगी, जिसको देखने के लिए 370 लोगों ने छत बुक कराई हैं। राजवाड़ा को रंग से बचाने के लिए त्रिपाल से ढंका गया है, ताकि रंगों के कारण वह खराब न हो। आयोजकों से लेकर प्रशासन, सभी ने गेर की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस ने एरिया को सेक्टर में बांटकर सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
क्या है गेर? कैसे हुई इंदौर में गेर की शुरुआत?
दरअसल, इंदौर में गेर शब्द ‘घेर’ शब्द से निकलकर आया है, जिसका अर्थ है घेरना. यहां गेर की शुरुआत करने वाले गिरि परिवार की तीसरी पीढ़ी के शेखर गिरि बताते हैं कि वे बीते 70 साल से इसी तरह गेर देखते आ रहे हैं. उनके पहले उनके पिता और दादा गेर निकालते थे. उस दौरान शहर के टोरी कॉर्नर पर रंगपंचमी के दिन सुबह से ही रंग से भरा कढ़ाव भरकर सड़क पर ही रख दिया जाता था, इसके बाद जो भी यहां गुजरता था उसे स्थानीय होली खेलने वाले घेरकर रंग से भरे कढ़ाव में डाल देते थे. उस दौरान होली खेलते-खेलते लोग टोरी कार्नर से फिर एकत्र होकर एक दूसरे पर रंग डालते हुए राजवाड़ा तक जाते थे.
इधर उज्जैन में भी नगर निगम ने शुरू की नगर गैर
इंदौर के तर्ज पर अब उज्जैन में भी गैर निकाली जाने लगी है नगर पालिक निगम के द्वारा शुरू की गई गैर बुधवार को मनाई जाने वाली रंगपंचमी पर निकलेगी , शहर के प्रमुख मार्ग से होती हुई गैर गोपाल मंदिर चोराहा पहुंचेगी , उज्जैन में निकलने वाली गैर को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारिया पूरी कर ली है उज्जैन की गैर में भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल होंगे | उज्जैन में निकलने वाली नगर गैर का तीसरा वर्ष है |

