इंदौर || मध्यप्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया, जब इंदौर के महावीर बाग से गांधी नगर स्थित सुमतिधाम तक संतों का मंगल प्रवेश जुलूस निकला। तपती धुप और सुजगती सडको पर जैन समाज के सैकड़ों संतों ने पट्टाचार्य महोत्सव के अवसर पर पैदल विहार करते हुए धर्मध्वजा फहराई।
हजारों श्रद्धालुओं ने सुबह 5 बजे से ही यात्रा मार्ग पर पलक पांवड़े बिछा दिए। बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं ने जैन धर्म के प्रतीक झंडों को थामे और मंगल गीत गाते हुए समूचे वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत कई गणमान्य नागरिकों और 50 से अधिक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने मंचों से संतों का स्वागत किया।
जुलूस में घोड़े, हाथी, बग्गी और 16 मंगल प्रतीकों के साथ निकला काफिला
केशरिया परिधानों में सजे श्रद्धालुओं की भीड़, जैन धर्म के प्रतीक ध्वजा, भगवान के जन्म से जुड़े 16 मंगल प्रतीक, ऊंट, बग्गी, घोड़े और हाथियों के साथ जुलूस गांधी नगर क्षेत्र से गुजरा। जिन शासन के जयकारों से वातावरण गूंज उठा और क्षेत्र में अद्भुत धार्मिक वातावरण बना।
श्री सुमतिनाथ दिगम्बर जिनालय, गोधा एस्टेट में छह दिवसीय पट्टाचार्य महोत्सव प्रभात फेरी के साथ शुरू हुआ। किन्नर समाज ने पहली बार इस आयोजन में भाग लिया और सैकड़ों की संख्या में मुनि महाराज व आर्यिका संघ की अगवानी की। सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालु सड़कों के डिवाइडर पर बैठकर गुरुओं की अगवानी के लिए प्रतीक्षा कर रहे थे और जैसे ही शोभायात्रा शुरू हुई, सात किलोमीटर के मार्ग पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची।



