नई दिल्ली || भारत 2025 में 4.18 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। वहीं, पूर्वोत्तर में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विकास के साथ देश की विकास दर और आर्थिक गतिविधियों में मजबूती दिखी है। नए साल की शुरुआत से पहले भारत के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार की वार्षिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में 4.18 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन गया है। सरकार के मुताबिक, भारत की जीडीपी का आकार 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगा।
चालू वित्त वर्ष यानी 2025-26 की दूसरी तिमाही में विकास दर छह तिमाहियों में सबसे अधिक रही है। कॉरपोरेट मंत्रालय ने कंपनियों के आईटीआर भरने की डेडलाइन बढ़ा दी है। अब कंपनियां 31 जनवरी तक अपने आईटीआर की फाइनेंशियल डिटेल का खुलासा कर सकती हैं।
भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। सरकार ने ‘इंडियाएआई मिशन’ के तहत अगले चार वर्षों में 10,300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट तय किया है। इसके साथ ही देश में 38,000 जीपीयू भी लगाए गए हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार का लक्ष्य मजबूत कंप्यूटिंग सुविधाएं विकसित करना, भारत में ही एआई मॉडल तैयार करना और स्टार्टअप्स को पूरा सहयोग देना है। इससे आम लोगों को लाभ होगा।
भारत में 1,800 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स हैं, जिनमें से 500 से ज्यादा एआई पर काम कर रहे हैं। वहीं, देश में अब 1.8 लाख से अधिक स्टार्टअप्स हैं और पिछले साल शुरू हुए करीब 89 प्रतिशत स्टार्टअप्स ने एआई का इस्तेमाल किया। भारतीय रेलवे ने पूर्वोत्तर में बड़ी प्रगति की है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र में 60 स्टेशनों का रीडेवलपमेंट किया जा रहा है। वर्ष 2014 से अब तक पूर्वोत्तर में 1,679 किलोमीटर से अधिक रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इस क्षेत्र में 2,500 रूट किलोमीटर से अधिक का इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है और 470 से अधिक रोड ओवरब्रिज तथा अंडरब्रिज बनाए गए हैं।
