उज्जैन || उज्जैन जिले के घट्टिया थाना क्षेत्र में पुलिस की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। ग्राम नजरपुर में गुरुवार रात आत्महत्या का प्रयास कर रहे पति-पत्नी को पुलिस ने समय रहते बचा लिया। युवक फंदे पर झूल चुका था, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य हो गई।
जानकारी के मुताबिक नजरपुर निवासी असीम पिता शफीक अहमद पटेल और उसकी पत्नी रीना पटेल पारिवारिक विवाद के चलते लंबे समय से मानसिक तनाव में थे।इसी के चलते दोनों ने खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया। आत्महत्या से पहले आसिफ ने व्हाट्सएप पर स्टेटस डालकर परिवार से परेशान होने की बात लिखी थी।
व्हाट्सएप स्टेटस की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी करण खोवाल ने बिना देरी किए टीम को मौके पर रवाना किया। जब पुलिस घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांकने पर देखा कि पति-पत्नी फांसी के फंदे पर झूल रहे हैं। टीआई ने बाहर से बातचीत कर उनका ध्यान भटकाया, वहीं दूसरी ओर टीम को दूसरे रास्ते से अंदर घुसने का इशारा किया।
पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए दरवाजा तोड़ा और दोनों को तुरंत फंदे से नीचे उतार लिया। उस समय दोनों की सांसें चल रही थीं। पुलिस ने तत्काल उन्हें शासकीय अस्पताल घट्टिया में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद दोनों खतरे से बाहर हैं। होश में आने के बाद दंपती ने बताया कि पारिवारिक विवाद और पिता शफीक द्वारा प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया था। थाना प्रभारी ने उन्हें समझाइश दी और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
इस पूरी कार्रवाई में टीआई करण खोवाल, उपनिरीक्षक अलकेश डांगे और प्रधान आरक्षक राजेंद्र राठौर शामिल रहे।
