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BIG BREAKING: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी को लिखी चिट्ठी; जंतर-मंतर पर डटी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आगे झुकी सरकार

नई दिल्ली II
देश में पिछले कई हफ्तों से चल रहे भारी छात्र आंदोलन और राजनीतिक गतिरोध के बीच आज एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना आधिकारिक त्यागपत्र भेज दिया है और इसकी प्रति सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की है. 
दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं की नई राजनीतिक ताकत बनकर उभरी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले 36 दिनों से लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठी थी. सीजेपी ने सरकार के साथ बातचीत के दौरान साफ कर दिया था कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी ‘नॉन-नेगोशिएबल’ (जिस पर कोई समझौता न हो) मांग है. आखिरकार सरकार और केंद्र को प्रदर्शनकारियों के इस चौतरफा दबाव के आगे झुकना पड़ा.

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर पत्र जारी कर क्या कहा?

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिट्ठी साझा करते हुए देश के युवाओं और छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने लिखा:
  • शिक्षा के प्रति समर्पण: “मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूँ.” [2]
  • युवाओं की भावनाओं का सम्मान: “मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ.”
  • NEET परीक्षा पर सफाई: “3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, मामला सीबीआई को सौंपा और दोबारा परीक्षा कराई.”
  • इस्तीफे का कारण: “पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने मुझे बेहद व्यथित किया है। मैं नहीं चाहता कि देश के युवाओं का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे या उनका ध्यान पढ़ाई से भटके। इसलिए मैं अपने पद से त्यागपत्र दे रहा हूँ।” 
  • PM का आभार: उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र सेवा का अवसर मिलने के लिए आभार जताया। 

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आंदोलन की बड़ी जीत

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश के युवाओं में भारी आक्रोश था। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके संगठन ने इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी बना दिया था। जंतर-मंतर पर चल रहे धरने के बीच शुक्रवार को सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच दो दौर की बातचीत भी हुई थी, जिसमें संगठन ने साफ किया था कि शिक्षा मंत्री को हटाए बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा. 
CJP की अन्य प्रमुख मांगें जिन पर बातचीत जारी है:
  1. मुआवजे की मांग: भ्रष्ट शिक्षा प्रणाली और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए. 
  2. केस वापस लेना: प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमों और FIR को तुरंत वापस लिया जाए.
  3. परीक्षा प्रणाली में सुधार: भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक और ठोस सुधार किए जाएं. 

राजनीतिक हलचल तेज

धर्मेंद्र प्रधान के इस कदम के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित पूरा विपक्ष संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहा था और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवा और छात्र शक्ति की एक ऐतिहासिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि शिक्षा मंत्रालय का नया जिम्मा किसे सौंपा जाता है।

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